Phulpur By Election : हैट्रिक की तैयारी में है भाजपा, आज प्रत्याशी के नाम का एलान कर सकती है पार्टी
भाजपा के प्रवीण पटेल 2017 और 2022 में लगातार दो बार विधायक चुने गए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रवीण पटेल ने सपा के मंसूर आलम को 16613 मतों के अंतर से हराया था, लेकिन 2022 के चुनाव में जीत का अंतर मात्र 2732 वोट में सिमट गया। भाजपा बृहस्पतिवार को फूलपुर से प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर सकती है। चार नामों का प्रस्ताव हाईकमान को भेजा गया है।
विस्तार
फूलपुर विधानसभा में लगातार तीसरी बार जीत की तैयारी में जुटी भाजपा की राह आसान नहीं दिख रही। विगत चुनावों के आंकड़ों को देखें तो इस बार भी सपा से कड़ी टक्कर मिलने जा रही है। बसपा ने भी शिवबरन पासी को प्रत्याशी बनाकर अनुसूचित जाति के मतदाताओं के ध्रुवीकरण की कोशिश की है। बसपा की यह रणनीति सफल हुई तो चुनाव त्रिकोणी होने के साथ दिलचस्प भी होगा।
भाजपा के प्रवीण पटेल 2017 और 2022 में लगातार दो बार विधायक चुने गए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रवीण पटेल ने सपा के मंसूर आलम को 16613 मतों के अंतर से हराया था, लेकिन 2022 के चुनाव में जीत का अंतर मात्र 2732 वोट में सिमट गया। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रवीण पटेल को 103557 वोट मिले थे। वहीं सपा के मुज्तबा सिद्दीकी को 100825 वोट मिले थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव-2024 से भी भाजपा को निराशा हाथ लगी थी।
लोकसभा के लिए निर्वाचित प्रवीण पटेल को फूलपुर विधानसभा में 89650 वोट मिले थे, जबकि यहां से सपा के अमरनाथ मौर्य को 107510 वोट मिले थे। इस तरह से प्रवीण पटेल अपने ही विधानसभा में सपा उम्मीदवार से 27860 मतों से पीछे रह गए थे।
अब सपा ने एकबार फिर मुज्तबा सिद्दीकी को मैदान में उतारा है। पार्टी ने चुनाव की घोषणा से काफी पहले उम्मीदवार के नाम की घोषणा करके अन्य दलों पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी बढ़ाया है, जबकि भाजपा ने अभी तक उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। बृहस्पतिवार को प्रत्याशी की घोषणा की जा सकती है। चार नेताओं के नाम पार्टी हाईकमान को भेजे गए हैं।
स्थानीय कांग्रेस नेताओं को हाईकमान के आदेश का इंतजार
सपा के साथ गठबंधन के तहत फूलपुर विधानसभा सीट पर दावा कर रहे कांग्रेस नेताओं के सुर भी बदल गए हैं। अब उन्हें पार्टी हाईकमान के आदेश का इंतजार है। सपा ने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। इसके बाद से कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों पर अंकुश लग गया था। पार्टी के गंगापार के अध्यक्ष एवं टिकट के लिए दावेदारी करने वाले सुरेश यादव का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व का जो आदेश होगा वह किया जाएगा। महानगर अध्यक्ष प्रदीप मिश्र अंशुमन ने भी पार्टी हाईकमान के निर्देश का पालन करने की बात कही।
विगत चुनावों में भाजपा, सपा एवं बसपा को मिले वोट
चुनाव भाजपा सपा बसपा
लोकसभा-2024 89650 107510 27806
विधानरसभा- 2022 103557 100825 33036
विधानसभा - 2017 93912 67299 50421
विधानसभा- 2012 12009 72898 64998
जिले में नहीं होंगे नए विकास कार्य, महाकुंभ पर प्रभाव नहीं
आचार संहिता लागू होने के साथ जिले में नए विकास कार्यों पर अंकुश लग गए हैं। वहीं फूलपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत तबादले भी नहीं हो पाएंगे, हालांकि महाकुंभ-2025 के कार्यों पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ने की बात कही जा रही है।
उपचुनाव की घोषणा के साथ जिले में आचार संहिता भी लागू हो गई है। डीएम रविंद्र कुमार मांदर का कहना है कि महाकुंभ-2025 के ज्यादातर काम शुरू हैं। ऐसे में इन पर आचार संहिता लागू नहीं होगी। यदि किसी नए विकास कार्य की जरूरत हुई तो निर्वाचन आयोग की अनुमति लेकर निर्माण कराए जाएंगे। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी आयोग की अनुमति से कई विकास कार्य कराए गए थे।
मुख्य सचिव लेंगे बैठक
महाकुंभ के कार्यों की अब मुख्यमंत्री या अन्य कोई मंत्री समीक्षा बैठक नहीं कर पाएंगे और न ही निरीक्षण करेंगे। यानी, उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक मुख्यमंत्री हर 15 दिन पर महाकुंभ के कार्यों की समीक्षा एवं निरीक्षण नहीं करेंगे। हालांकि, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह तथा अन्य विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव समीक्षा बैठकें कर सकेंगे।
हटाए जाने लगे होर्डिंग्स, पोस्टर
आचार संहिता लागू होने के साथ राजनीतिक दलों के होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर हटाने की प्रक्रिया भी मंगलवार शाम को शुरू कर दी गई है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के फोटो वाले तथा अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित होर्डिंग्स भी हटाए जाएंगे। नगर निगम की ओर से इसके लिए मंगलवार को शाम चार बजे से कार्रवाई शुरू की गई। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों से भी होर्डिंग्स-पोस्टर हटाए गए। अपर नगर आयुक्त अम्बरीष बिंद ने बताया कि होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई देर रात तक चली, जो बचे हैं, उन्हें बुधवार को हटाया जाएगा।