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तैयारी शुरू : राज्य विवि के 25 कॉलेजों में होगी पीएचडी की पढ़ाई

Mon, 24 Jan 2022 10:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 24 Jan 2022 10:47 PM IST
सार

कुलपति प्रो. अखिलेश सिंह के अनुसार मंडल के 25 कॉलेजों में पीएचडी के लिए मंजूरी मिली है। पहले चरण के तहत सभी राजकीय और वित्तपोषित महाविद्यालयों में पीएचडी की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।

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PhD studies will be done in 25 colleges of the prof. rajendra singh rajju bhaiya state university
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध 25 महाविद्यालयों में पीएचडी की पढ़ाई शुरू कराने का रास्ता साफ हो गया है। सत्र 2022-23 से प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर एवं प्रतापगढ़ में स्थित इन महाविद्यालयों मेें पीएचडी में प्रवेश लिए जाएंगे। इसके लिए अभी से गाइड भी तलाशे जा रहे हैं। 

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कुलपति प्रो. अखिलेश सिंह के अनुसार मंडल के 25 कॉलेजों में पीएचडी के लिए मंजूरी मिली है। पहले चरण के तहत सभी राजकीय और वित्तपोषित महाविद्यालयों में पीएचडी की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।
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इसके तहत प्रयागराज में तीन राजकीय एवं चार वित्तपोषित, कौशाम्बी में एक-एक राजकीय एवं वित्तपोषित, फतेहपुर में तीन राजकीय एवं दो वित्तपोषित और प्रतापगढ़ में चार राजकीय एवं सात वित्तपोषित कॉलेज पीएचडी के लिए चयनित किए गए हैं।  इसके बाद वित्तविहीन कालेजों में पीएचडी को मंजूरी दी जाएगी। प्रथम चरण में उन 10 विषयों में पीएचडी की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी, जो परास्नातक पाठ्यक्रम परिसर में उपलब्ध हैं। 
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विश्वविद्यालय में वर्तमान में हिंदी, संस्कृत, प्राचीन इतिहास, भूगोल, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, दर्शनशास्त्र, रक्षा एवं अध्ययन और वाणिज्य में परास्नातक की पढ़ाई हो रही है। पहले चरण के तहत पीएचडी के गाइड के लिए शिक्षकों से ऑफलाइन आवेदन मांगे गए हैं आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 22 फरवरी है।



आवेदकों के लिए तीन न्यूनतम अर्हता निर्धारित की गई है। राजकीय कालेज का नियमित शिक्षक होने के साथ पीएचडी की अनिवार्यता तय की गई है। वहीं, असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के लिए न्यूनतम दो रिसर्च और प्रोफेसर के लिए पांच रिसर्च पेपर संदर्भित जर्नल में प्रकाशित होने चाहिए। असिस्टेंट प्रोफेसर अधिकतम चार, एसोसिएट प्रोफेसर छह और प्रोफेसर आठ लोगों को शोध करा सकेंगे।

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