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यूपीआरटीओयू में इसी महीने से पीएचडी प्रवेश
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 02 Sep 2016 02:55 AM IST
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इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि (यूपीआरटीओयू) में इस माह के अंत तक पीएचडी में प्रवेश शुरू हो जाएगा। मुक्त विवि के कुलपति प्रो.एमपी दुबे ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं यूजीसी की ओर से इग्नू सहित देश के सभी मुक्त विवि में पीएचडी शुरू करने की अनुमति मिलने के बाद वह तत्काल प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुक्त विवि की ओर से पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन पहले ही कराया जा चुका है। विवि की ओर से पीएचडी प्रवेश परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो गया है, मूल्यांकन का काम 15 दिनों के भीतर पूरा करने के बाद इस महीने के अंत तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि के कुलपति ने बताया कि पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन अप्रैल-मई में ही पूरा हो चुका है। यूजीसी एवं सरकार की ओर से पीएचडी की अनुमति मिलने के इंतजार में विवि की ओर से प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित नहीं किया जा सका। अब रिजल्ट जारी करने के बाद अभ्यर्थियों से शोध सारांशिका लेकर जल्द प्रवेश दिया जाएगा। यूजीसी एवं मंत्रालय की ओर से अनुमति मिलने के बाद तत्काल प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रवेश पूरा होने के तत्काल बाद नई प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी, इस साल के अंत तक दूसरी प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
पीएचडी में विवि को रखने होंगे अपने गाइड
इलाहाबाद (ब्यूरो)। मुक्त विवि पीएचडी प्रवेश में यूजीसी की संशोधित गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। पीएचडी में शोध निर्देशक (गाइड)अपने विवि का ही होगा, बाहरी गाइड बनाने पर रोक लगा दी गई है। मानव संसाधन की हालिया बैठक में तय किया गया कि मुक्त विवि में पूर्व कराई गई पीएचडी यूजीसी के नियम 2009 के तहत मान्य कर दी गई है।
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पीएचडी शुरू नहीं होने से प्रमोशन में थी बाधा
इलाहाबाद (ब्यूरो)। यूजीसी ने पीएचडी के लिए नई गाइड लाइन 2009 में जारी की थी, इसके बाद जुलाई 2012 में एक बार फिर नए नियम जारी करके कहा गया कि मुक्त विवि में पीएचडी के नए नियम जल्द जारी होंगे। चार वर्ष बीत जाने के बाद पीएचडी में प्रवेश शुरू नहीं हो सका। इस कारण से मुक्त विवि के शिक्षकों को प्रमोशन में बाधा आ रही है। अब पीएचडी शुरू होने से प्रमोशन की रूकावट दूर हो जाएगी।
बिना मंजूरी के शुरू होंगे सर्टिफिकेट कोर्स
इलाहाबाद (ब्यूरो)। मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं यूजीसी की बैठक में तय हुआ कि अब मुक्त विवि बिना यूजीसी की मंजूरी के सर्टिफिकेट कोर्स एवं एक वर्ष से कम अवधि का डिप्लोमा कोर्स शुरू कर सकेंगे। इसके लिए विवि में शिक्षक एवं संसाधन होना आवश्यक है। इसके तहत तय हुआ कि मुक्त विवि औद्योगिक क्षेत्र को स्किल हैंड उपलब्ध कराएगा। मुक्त विवि के कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यूपीआरटीओयू की ओर से पहले से ही लागू मूक एवं स्वयं पोर्टल पर विवि में उपलब्ध सभी कोर्स शुरू करने को कहा है।
यूजीसी से जल्द मिलेगा अनुदान
इलाहाबाद (ब्यूरो)। मुक्त विवि की शिकायत थी कि यूजीसी से मिलने वाले अनुदान समय पर नहीं मिलने के कारण शैक्षिक कार्यक्रम प्रभावित होते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री ने बताया कि अब दिसंबर तक विवि के खाते में यूजीसी का अनुदान पहुंच जाएगा।
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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि के कुलपति ने बताया कि पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन अप्रैल-मई में ही पूरा हो चुका है। यूजीसी एवं सरकार की ओर से पीएचडी की अनुमति मिलने के इंतजार में विवि की ओर से प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित नहीं किया जा सका। अब रिजल्ट जारी करने के बाद अभ्यर्थियों से शोध सारांशिका लेकर जल्द प्रवेश दिया जाएगा। यूजीसी एवं मंत्रालय की ओर से अनुमति मिलने के बाद तत्काल प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रवेश पूरा होने के तत्काल बाद नई प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी, इस साल के अंत तक दूसरी प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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पीएचडी में विवि को रखने होंगे अपने गाइड
इलाहाबाद (ब्यूरो)। मुक्त विवि पीएचडी प्रवेश में यूजीसी की संशोधित गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। पीएचडी में शोध निर्देशक (गाइड)अपने विवि का ही होगा, बाहरी गाइड बनाने पर रोक लगा दी गई है। मानव संसाधन की हालिया बैठक में तय किया गया कि मुक्त विवि में पूर्व कराई गई पीएचडी यूजीसी के नियम 2009 के तहत मान्य कर दी गई है।
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पीएचडी शुरू नहीं होने से प्रमोशन में थी बाधा
इलाहाबाद (ब्यूरो)। यूजीसी ने पीएचडी के लिए नई गाइड लाइन 2009 में जारी की थी, इसके बाद जुलाई 2012 में एक बार फिर नए नियम जारी करके कहा गया कि मुक्त विवि में पीएचडी के नए नियम जल्द जारी होंगे। चार वर्ष बीत जाने के बाद पीएचडी में प्रवेश शुरू नहीं हो सका। इस कारण से मुक्त विवि के शिक्षकों को प्रमोशन में बाधा आ रही है। अब पीएचडी शुरू होने से प्रमोशन की रूकावट दूर हो जाएगी।
बिना मंजूरी के शुरू होंगे सर्टिफिकेट कोर्स
इलाहाबाद (ब्यूरो)। मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं यूजीसी की बैठक में तय हुआ कि अब मुक्त विवि बिना यूजीसी की मंजूरी के सर्टिफिकेट कोर्स एवं एक वर्ष से कम अवधि का डिप्लोमा कोर्स शुरू कर सकेंगे। इसके लिए विवि में शिक्षक एवं संसाधन होना आवश्यक है। इसके तहत तय हुआ कि मुक्त विवि औद्योगिक क्षेत्र को स्किल हैंड उपलब्ध कराएगा। मुक्त विवि के कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यूपीआरटीओयू की ओर से पहले से ही लागू मूक एवं स्वयं पोर्टल पर विवि में उपलब्ध सभी कोर्स शुरू करने को कहा है।
यूजीसी से जल्द मिलेगा अनुदान
इलाहाबाद (ब्यूरो)। मुक्त विवि की शिकायत थी कि यूजीसी से मिलने वाले अनुदान समय पर नहीं मिलने के कारण शैक्षिक कार्यक्रम प्रभावित होते हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री ने बताया कि अब दिसंबर तक विवि के खाते में यूजीसी का अनुदान पहुंच जाएगा।