फाफामऊ सामूहिक हत्याकांड: युवती के प्रेमी समेत दो आरोपी गिरफ्तार, व्हाट्सएप चैंटिंग के आधार पर हुई कार्रवाई
गिरफ्तार प्रेमी शशि पटेल निवासी शिवगढ़ सोरांव व उसका मौसेरा भाई रजनीश पटेल निवासी लेहरा फाफामऊ हैं। शशि काफी समय से अपनी मौसी के ही घर रहता था और फिर कुछ साल पहले हरियाणा के मानेसर में नौकरी करने लगा।
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फाफामऊ के दलित परिवार हत्याकांड में परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का हवाला देते हुए पुलिस ने सोमवार को एक और कार्रवाई की। हिरासत में लिए गए युवती के प्रेमी व उसके मौसेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की व्हाट्सएप चैटिंग, मोबाइल से हुई बातचीत, गवाहों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य से घटना में उनकी संलिप्तिता की बात प्रतीत होती है और इसीलिए यह कार्रवाई की गई है। अफसरों का कहना है कि फिलहल विवेचना जारी है और जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार प्रेमी शशि पटेल निवासी शिवगढ़ सोरांव व उसका मौसेरा भाई रजनीश पटेल निवासी लेहरा फाफामऊ हैं। शशि काफी समय से अपनी मौसी के ही घर रहता था और फिर कुछ साल पहले हरियाणा के मानेसर में नौकरी करने लगा। हत्याकांड में मारी गई युवती के मोबाइल की जांच पड़ताल से पुलिस को उसका नंबर हाथ लगा था और फिर इसके बाद ही उसे और उसकी मोबाइल चैट के आधार पर उसके मौसेेरे भाई को हिरासत में लिया गया था। पुलिस इनसे पूछताछ में जुटी थी और सोमवार को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के पीछे क्या है पुलिस की थ्योरी
मामले में पुलिस की ओर से जो जानकारी दी गई, उसके मुताबिक मामले में जो भी साक्ष्य अब तक सामने आए हैं वह युवती के प्रेमी व उसके मौसेेरे भाई के खिलाफ हैं और घटना में उनकी संलिप्तिता की ओर इशारा करते हैं। शशि की घटना में मारी गई युवती से व्हाट्सएप चैट तो मिली ही है, साथ ही उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भी उसके मोबाइल से मिली हैं। उसने अपने मोबाइल से काफी व्हाट्सएप चैट व मैसेज डिलीट किए हैं। सबसे खास बात यह है कि घटना वाले दिन से पुलिस की कार्रवाई का एक-एक विवरण शशि के मोबाइल में मिले हैं। पुलिस का मानना है कि इन साक्ष्यों से ऐसा लगता है कि वह घटना की मॉनिटरिंग के साथ ही पुलिस की कार्रवाई को भी बिंदुवार अपने मोबाइल में नोट कर रहा था। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।