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High Court : बरेली हिंसा के दो आरोपियों की मुकदमा रद्द करने की याचिका खारिज
Fri, 14 Nov 2025 04:03 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 14 Nov 2025 04:03 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली हिंसा के दौरान विवादित नारा लगाने और पुलिस पर हमला करने के दो आरोपियों की मुकदमा रद्द करने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी। कहा कि पुलिस पर हमला करने का मतलब राज्य पर हमला है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली हिंसा के दौरान विवादित नारा लगाने और पुलिस पर हमला करने के दो आरोपियों की मुकदमा रद्द करने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी। कहा कि पुलिस पर हमला करने का मतलब राज्य पर हमला है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट एवं न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने अदनान व एक अन्य की याचिका खारिज करते हुए दिया।
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कानपुर नगर में आई लव मोहम्मद मामले को लेकर की गई कार्रवाई के विरोध में 26 सितंबर को बरेली के इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड पर प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए। जुलूस निकाला और विवादित नारे लगाए। पुलिस के रोकने पर भीड़ उग्र हो गई। पुलिस ने इस मामले में 52 नामजद व कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। याची ने मुकदमा रद्द करने की मांग में हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की।
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याची अधिवक्ता ने दलील दी कि याची को झूठा फंसाया गया है। वहीं, अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी व अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम परितोष कुमार मालवीय ने याचिका का विरोध किया। दलील दी कि आरोपियों ने विवादित नारे लगाए और पुलिस पर हमला किया। वर्दी भी फाड़ दी। याची उनका नेतृत्व कर रहा था। कोर्ट ने मुकदमा रद्द करने की याचिका खारिज दी। कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं और इसमें विवेचना की जरूरत है।
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