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चुनावी समर से आज भाग सकते हैं कई सियासी पहलवान
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 09 Nov 2017 01:20 AM IST
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चुनावी समर में कूदे कई सियासी सूरमा आज मैदान से भाग निकलेंगे। उनकी नाम वापसी से किसी उम्मीदवार का खेल बनता दिखेगा तो किसी का बिगड़ता। नाम वापसी को लेकर बुधवार को जिले की छह नगर पंचायतों में दिनभर प्रलोभन का दौर चलता रहा। इस दौरान कई दावेदार नाम वापसी को तैयार हो गए हैं तो कई चुनाव लड़ने को लेकर फिलहाल अडिग हैं।
नामांकन पत्रों की जांच के बाद गुरुवार नाम वापसी की जानी है। पर्चे की वापसी होने पर कई सियासी सूरमाओं की गणित बनेगी तो कई की बिगड़ना तय है। इसे लेकर बुधवार को नामांकन करने वाले उन प्रत्याशियों पर नाम वापसी करने के लिए जोर लगाया गया जो चुनाव में जीत तो नहीं सकते पर अगले उम्मीदवार को हार का मुंह दिखाने के लिये पर्याप्त साबित होंगे।
इस बीच चुनाव मैदान में खड़े रहने के लिए भी सियासी गणितबाजों ने दांव चला। इस दौरान नाम वापसी कराने के लिये नगर अध्यक्ष बनने पर तरह-तरह के लाभ पहुंचाने का प्रलोभन भी दिया जाता रहा। जिस उम्मीदवार के नाम वापस लेने पर चुनावी गणित बिगड़ने का खतरा है उसे मैदान में खड़े रहने के लिये चुनावी खर्च देने तक का प्रलोभन दिया गया।
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खास बात यह रही कि कुछ दावेदार नाम वापसी के लिये तैयार हो गए हैं तो कुछ अभी भी चुनाव लड़ने के लिए अडिग हैं। नाम वापस लेने और चुनाव मैदान में खड़े रहने का खेल छह नगर पंचायतों में दिनभर चला। बहरहाल कुछ भी हो नाम वापसी वाले दिन गुरुवार को कई दावेदार मैदान से बाहर हो जायेंगे। इससे अब तक चुनावी गणित लगाने वालों को एक बार फिर से मशक्कत करनी पड़ेगी।
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नामांकन पत्रों की जांच के बाद गुरुवार नाम वापसी की जानी है। पर्चे की वापसी होने पर कई सियासी सूरमाओं की गणित बनेगी तो कई की बिगड़ना तय है। इसे लेकर बुधवार को नामांकन करने वाले उन प्रत्याशियों पर नाम वापसी करने के लिए जोर लगाया गया जो चुनाव में जीत तो नहीं सकते पर अगले उम्मीदवार को हार का मुंह दिखाने के लिये पर्याप्त साबित होंगे।
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इस बीच चुनाव मैदान में खड़े रहने के लिए भी सियासी गणितबाजों ने दांव चला। इस दौरान नाम वापसी कराने के लिये नगर अध्यक्ष बनने पर तरह-तरह के लाभ पहुंचाने का प्रलोभन भी दिया जाता रहा। जिस उम्मीदवार के नाम वापस लेने पर चुनावी गणित बिगड़ने का खतरा है उसे मैदान में खड़े रहने के लिये चुनावी खर्च देने तक का प्रलोभन दिया गया।
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खास बात यह रही कि कुछ दावेदार नाम वापसी के लिये तैयार हो गए हैं तो कुछ अभी भी चुनाव लड़ने के लिए अडिग हैं। नाम वापस लेने और चुनाव मैदान में खड़े रहने का खेल छह नगर पंचायतों में दिनभर चला। बहरहाल कुछ भी हो नाम वापसी वाले दिन गुरुवार को कई दावेदार मैदान से बाहर हो जायेंगे। इससे अब तक चुनावी गणित लगाने वालों को एक बार फिर से मशक्कत करनी पड़ेगी।