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Prayagraj News: होली के बाद सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण से लोग परेशान
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होली के बाद बुखार-जुकाम और गले के संक्रमण के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पीएचसी झूंसी में आम दिनों से दोगुने मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। वायरल फीवर की चपेट में आए बच्चे भी खासे परेशान दिखे।
शुक्रवार के बाद शनिवार को झूंसी के न्यू पीएचसी में सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण और पेट की बीमारी वाले मरीजों की संख्या ज्यादा रही। आम दिनों में जहां से 40 से 45 मरीज आते थे। होली के बाद इनकी संख्या तकरीबन दो गुनी हो गई है। शुक्रवार को नई झूंसी पीएचसी में तकरीबन 100 मरीज ओपीडी में पहुंचे।
शनिवार को भी इनकी संख्या 75 के आसपास रही। नई झूंसी पीएचसी प्रभारी डॉ.अशोक पटेल ने बताया कि सामान्य दिनों में गले की समस्या लेकर औसतन 10 से 12 मरीज आते थे। लेकिन मौसम में बदलाव के कारण अब यह संख्या बढ़कर तकरीबन दो गुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने पर गले का संक्रमण गंभीर होकर फेफड़ों तक पहुंच सकता है। इस मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक और खट्टी चीजों से पूरी तरह परहेज करें।
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गले में खराश होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें और बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक का सेवन न करें। मौसम के उतार-चढ़ाव का असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। कमजोर बच्चों में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सीने में जकड़न होने पर भाप दिलाने और गुनगुना पानी पिलाने की सलाह दी।
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शुक्रवार के बाद शनिवार को झूंसी के न्यू पीएचसी में सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण और पेट की बीमारी वाले मरीजों की संख्या ज्यादा रही। आम दिनों में जहां से 40 से 45 मरीज आते थे। होली के बाद इनकी संख्या तकरीबन दो गुनी हो गई है। शुक्रवार को नई झूंसी पीएचसी में तकरीबन 100 मरीज ओपीडी में पहुंचे।
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शनिवार को भी इनकी संख्या 75 के आसपास रही। नई झूंसी पीएचसी प्रभारी डॉ.अशोक पटेल ने बताया कि सामान्य दिनों में गले की समस्या लेकर औसतन 10 से 12 मरीज आते थे। लेकिन मौसम में बदलाव के कारण अब यह संख्या बढ़कर तकरीबन दो गुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने पर गले का संक्रमण गंभीर होकर फेफड़ों तक पहुंच सकता है। इस मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक और खट्टी चीजों से पूरी तरह परहेज करें।
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गले में खराश होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें और बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक का सेवन न करें। मौसम के उतार-चढ़ाव का असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। कमजोर बच्चों में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सीने में जकड़न होने पर भाप दिलाने और गुनगुना पानी पिलाने की सलाह दी।