फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   PDA VC allegation: Secretary tried to conspire against me and the government, snatched away his rights.

पीडीए वीसी का आरोप : सचिव ने मेरे और सरकार के खिलाफ किया षड्यंत्र का प्रयास, छीने अधिकार

Thu, 21 Dec 2023 12:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 21 Dec 2023 12:24 PM IST
सार

वीसी अरविंद कुमार चौहान ने अधीनस्थों को जारी आदेश में कहा है कि उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी होते हैं। सरकार और शासन की ओर से निर्णय लेने का दायित्व उपाध्यक्ष पर होता है। ऐसे में पीडीए सचिव का कृत्य शासन और सरकार के प्रति षड्यंत्र का प्रयास है।

विज्ञापन
PDA VC allegation: Secretary tried to conspire against me and the government, snatched away his rights.
प्रयागराज विकास प्राधिकरण। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) उपाध्यक्ष अरविंद कुमार चौहान ने पीडीए सचिव अजीत कुमार सिंह पर उनके और प्रदेश सरकार के खिलाफ षड्यंत्र करने के प्रयास का आरोप लगाया है। उन्होंने सचिव के सारे अधिकार भी छीन लिए हैं। शासन को लिखे पत्र में उपाध्यक्ष ने कहा है कि मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण एवं अन्य बनाम राजेश शर्मा के मामले में सर्वोच्च न्यायालय से पारित आदेश की अनुपालन पत्रावली में सचिव ने कूटरचना की है।

विज्ञापन


वीसी अरविंद कुमार चौहान ने अधीनस्थों को जारी आदेश में कहा है कि उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी होते हैं। सरकार और शासन की ओर से निर्णय लेने का दायित्व उपाध्यक्ष पर होता है। ऐसे में पीडीए सचिव का कृत्य शासन और सरकार के प्रति षड्यंत्र का प्रयास है।
विज्ञापन


इस संबंध में सचिव के खिलाफ शासन को अलग से पत्र भेजा जा रहा है। इस स्थिति में वीसी ने सचिव की विश्वसनीयता को भी संदिग्ध माना है। वीसी ने सचिव के सभी दायित्वों से अजीत कुमार सिंह को मुक्त भी कर दिया है। सचिव के दायित्वों के बारे में अलग से निर्देश जारी करने की बात कही गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सभी पत्रावलियां सीधे वीसी के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश

पीडीए उपाध्यक्ष ने प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक, मुख्य अभियंता, मुख्य नगर नियोजक, विशेष कार्याधिकारी, अधिशासी अभियंता और अन्य प्रभारियों को जारी निर्देश में कहा है कि अब किसी भी स्तर से भेजी जाने वाली पत्रावलियों पर आख्या और संस्तुतियां सीधे उनके समक्ष ही प्रस्तुत की जाएंगी। पहले यह पत्रावलियां सचिव के पास से होकर वीसी तक जाती थीं।

कोई बड़ा मामला नहीं, दफ्तर पहुंचने पर दूंगा जवाब: सचिव

पीडीए सचिव अजीत कुमार सिंह ने आरोपों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। कहा, इन आरोपों में कोई बड़ी बात नहीं है। मेरी उनसे (उपाध्यक्ष से) बात हो गई है। सब ठीक हो गया है। कल दफ्तर पहुंचने पर बताऊंगा क्या मामला हुआ था।

इसी मामले में है कूटरचना का आरोप

उच्च न्यायालय के समक्ष बाहरी/आंतरिक विकास शुल्क, निरीक्षण और पर्यवेक्षण शुल्क के रूप में स्वीकृत विन्यास योजना, विकास शुल्क, उप शुल्क डिवीजन चार्ज, स्टैकिंग चार्ज और इंपैक्ट शुल्क के खिलाफ अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इस पर विचार करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने संपूर्ण योजना और अधिनियम 1973 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत विकास शुल्क लगाने को सही ठहराया है।

सुप्रीम कोर्ट ने रेखा रानी के मामले में उच्च न्यायालय के निर्णय को खारिज करते हुए विकास शुल्क की वसूली को अलग करने का आदेश दिया था और बाकी मामलों में प्राधिकरणों की ओर से विकास शुल्क लगाने को सही ठहराया है। इसी आदेश के अनुपालन में पीडीए में प्रचलित पत्रावली में सचिव की ओर से कूटरचित ढंग से उपाध्यक्ष के खिलाफ षड्यंत्र रचने का प्रयास करने की बात कही गई हैै।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed