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चौड़ीकरण में आड़े आ रहे अष्टभुजी मंदिर को पीडीए ने रास्ते से हटाया
Mon, 23 Nov 2020 01:38 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 23 Nov 2020 01:38 AM IST
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prayagraj news : अष्टभुजी मंदिर प्रयागराज।
- फोटो : prayagraj
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सड़क चौड़ीकरण के लिए रविवार को पीडीए ने पानी टंकी के पास स्थित अष्टभुजा माता मंदिर की प्रतिमाओं को शिफ्ट करा दिया। अफसरों की मौजूदगी में चौड़ीकरण में आड़े रहे मंदिर की दीवारों व अन्य हिस्सों को हटाने की देर रात तक कार्रवाई चलती रही।
हाईकोर्ट पानी टंकी के पास पुल के नीचे स्थित अष्टभुजा माता मंदिर को हटाने की कार्रवाई पीडीए ने सुबह ही शुरू कर दी। भारी फोर्स की मौजूदगी में मंदिर की दीवारों को हटाने की कार्रवाई की जाती रही। इस दौरान अफसरों ने मंदिर के पुजारी आजनेय मिश्र व आसपास के लोगों को बुलवाकर प्रतिमाओं को पास में ही एक चबूतरा बनवाकर शिफ्ट करवा दिया।
यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। मंदिर के पुजारी आंजनेय मिश्र के अनुसार इस कार्रवाई की की वजहों पर उनसे प्रशासन ने किसी तरह की चर्चा नहीं की थी। अचानक फोर्स लगाकर प्रतिमाओं को हटाया जाने लगा। उन्होंने बताया कि किले से प्राप्त इस देवी प्रतिमा की स्थापना वहां वर्ष 1959 में की गई थी। इस अष्टभुजा मंदिर की महत्ता का उल्लेख ‘प्रयाग दर्शन’ पुस्तक में भी किया गया है। आंजनेय के मुताबिक वह बीते10 वर्ष से वहां पुजारी के तौर पर सेवा दे रहे थे।
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हाईकोर्ट पानी टंकी के पास पुल के नीचे स्थित अष्टभुजा माता मंदिर को हटाने की कार्रवाई पीडीए ने सुबह ही शुरू कर दी। भारी फोर्स की मौजूदगी में मंदिर की दीवारों को हटाने की कार्रवाई की जाती रही। इस दौरान अफसरों ने मंदिर के पुजारी आजनेय मिश्र व आसपास के लोगों को बुलवाकर प्रतिमाओं को पास में ही एक चबूतरा बनवाकर शिफ्ट करवा दिया।
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यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। मंदिर के पुजारी आंजनेय मिश्र के अनुसार इस कार्रवाई की की वजहों पर उनसे प्रशासन ने किसी तरह की चर्चा नहीं की थी। अचानक फोर्स लगाकर प्रतिमाओं को हटाया जाने लगा। उन्होंने बताया कि किले से प्राप्त इस देवी प्रतिमा की स्थापना वहां वर्ष 1959 में की गई थी। इस अष्टभुजा मंदिर की महत्ता का उल्लेख ‘प्रयाग दर्शन’ पुस्तक में भी किया गया है। आंजनेय के मुताबिक वह बीते10 वर्ष से वहां पुजारी के तौर पर सेवा दे रहे थे।
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