तेेजी से फैल रहे कोरोना वायरस सक्रमण से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा और आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा स्थगित कर दी है। इस बाबत बृहस्पतिवार को आयोग के परीक्षा नियंत्रक अरविंद कुमार मिश्र ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए।
पीसीएस मुख्य परीक्षा 20 अप्रैल से आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा तीन मई को प्रस्तावित थी। पीसीएस-2019 और एसीएफ/आरएफओ-2019 की प्रारंभिक परीक्षा पिछले साल 15 दिसंबर को 19 जिलों के 1966 केंद्रों में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए कुल 544664 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और इनमें से 218147 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे।
मुख्य परीक्षा समय से कराई जा सके, इसके लिए आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा के दो माह बाद ही 17 फरवरी को रिजल्ट जारी कर दिया था और इसमें 6320 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया था। पीसीएस मुख्य परीक्षा 20 अप्रैल से और एसीएफ/आरएफओ की मुख्य परीक्षा 16 अगस्त से प्रस्तावित थी।
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यूपीपीएससी
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पीसीएस मेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। जो अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन के बाद इसकी हार्डकॉपी आयोग में जमा नहीं कर सके थे, उन्हें इसके लिए 19 अप्रैल तक का समय दिया गया था। लेकिन मौजूदा परिस्थतियों को देखते हुए आयोग को लगा कि मुख्य परीक्षा अब नहीं कराई जा सकती है, सो बृहस्पतिवार को आयोग ने 20 अप्रैल को प्रस्तावित पीसीएस मेंस स्थगित करने का निर्णय ले लिया। वहीं, आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा 27 नवंबर 2016 को आयोजित की गई थी।
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UPPSC pcs 2017 result
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यह परीक्षा 21 जिलों के 827 केंद्रों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए कुल 385191 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से पहली पाली में 52.20 और दूसरी पाली में 52.77 फीसदी परीक्षार्थी उपस्थित हुए थे। हालांकि परीक्षा वाले दिन ही विवाद हो गया था। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि लखनऊ के एक केंद्र से पहली पाली का पेपर व्हाट्स एप पर वायरल हो गया है लेकिन आयोग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में अभ्यर्थियों की तरफ से आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर आगे आए थे और उन्होंने लखनऊ में मुकदमा दर्ज करा दिया था।
इसकी सीबीसीआईडी जांच भी हुई थी और सीसीबीसीआईडी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि उसे पेपर लीक के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसके बाद भी विवाद बना रहा और आयोग को इस साल 29 जनवरी को आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी करना पड़ा। तीन मई को पुनर्परीक्षा कराए जाने का निर्णय लिया गया और तय हुआ के पूर्व में जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे, वही इस परीक्षा में शामिल होंगे।