शहर में हुए लॉक डाउन का सबसे ज्यादा असर स्थानीय कारोबारियों पर पड़ता दिख रहा है। जानकार बताते हैं बीते 18 दिन के दौरान शहर के कारोबारियों को लगभग 2500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अभी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई हो रही है। इस वजह से किराना, दवा, सब्जी एवं आवश्यक वस्तुओं के व्यापारियों पर लॉक डाउन का असर नहीं है।
जनता कर्फ्यू 22 मार्च के दिन से ही शहर के बाजार बंद हैं और आवश्यक वस्तुओं की ही दुकानें खुली हुई है। यानी कि इन 18 दिनों से शहर के सभी होटल, रेस्टोरेंट, कपड़ा की दुकान, फुटवियर, ज्वैलर्स, इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रिकल, मोबाइल, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, हाईवेयर आदि से जुड़ी सभी दुकानें एवं शोरूम बंद हैं।
इन 18 दिनों के दौरान कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सिर्फ प्रयागराज में ही तकरीबन 2500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल का कहना है कि जिले का खुदरा व्यापार को हर रोज औसतन 130 से 140 करोड़ का नुकसान हो रहा है। इस वैश्विक महामारी के कारण व्यापारियों के लिए मौजूदा वक्त बड़ी चुनौती है।
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जीएसटी के चलते खाली पड़ा इलेक्ट्रोनिक शोरूम।
प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय अरोरा कहते हैं कि व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ी हैं। लेकिन कर्मचारियों का वेतन, दुकान का किराया एवं अन्य कर उन्हें सरकार को तो देना ही पड़ रहा है। सहालग की खरीदारी पर असर, कारोबारी मायूस 0 कोरोना महामारी और लॉक डाउन का असर सहालग पर भी पड़ा है। 14 अप्रैल से ही शुभ मुहूर्त शुरू हो रहा है। लेकिन लॉक डाउन की वजह से अप्रैल, मई एवं जून माह में होने वाली कई शादियां निरस्त कर दी गई हैं।
होली के बाद या चैत्र नवरात्र में ही लोग सहालग के लिए खरीदारी करते हैं। लेकिन इस बार बाजार बंद रहने से लोग खरीदारी आदि नहीं कर सके। शहर के ज्वैलर्स को इससे लंबा नुकसान हुआ। एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ लॉक डाउन अवधि में ही तकरीबन 500 करोड़ का नुकसान शहर के सराफा बाजार के कारोबारियों को हुआ। लॉक डाउन में शहर के कारोबारियों का करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
बाजार भले ही बंद हो लेकिन व्यापारियों को बैंक लोन, किराया, बिजली का बिल, स्टाफ की सैलरी आदि को देनी ही पड़ रही है। गौरव अग्रवाल, चार्टर्ड एकाउंटेंट सहालग की वजह से लोग सोना, चांदी आदि की खरीदारी करते हैं, जो इस बार नहीं हो सकी।
रेस्टोरेंट, होटल, इलेक्ट्रानिक्स, फुटवियर, रेडीमेड गारमेंटस आदि सब ठप पड़ा है। ऐसे में सिर्फ प्रयागराज में ही एक दिन में औसतन 125 करोड़ से ज्यादा का नुकसान कारोबारियों को हो रहा है।- डा. पवन जायसवाल, कर एवं वित्त सलाहकार