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तो रिटायरमेंट की उम्र में देंगे पीसीएस की परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:59 AM IST
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इलाहाबाद
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प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में सीसैट से प्रभावित प्रतियोगी छात्रों को दो अतिरिक्त अवसर दिए जाने का निर्णय हुआ है। हालांकि इस निर्णय को लागू करने में कुछ विसंगतियां भी सामने जाएंगी और आयोग को भी इसे लागू करने से पहले विसंगतियों को दूर करना होगा। दिव्यांग प्रतियोगी छात्रों की ही बात करें तो वे अधिकतम 55 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। अगर सीसैट से प्रभावित दिव्यांग प्रतियोगी छात्रों को दो अतिरिक्त अवसर दिया जाता है तो 2013 में ओवर एज हुए दिव्यांग प्रतियोगी 60 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकेेंगे जबकि रिटायरमेंट के लिए भी निर्धारित आयु सीमा 60 वर्ष है। हालांकि पूरी स्थिति लिखित रूप से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सीसैट से प्रभावित वे छात्र जो 2013 से 2015 के बीच ओवर एज हो गए, उन्हें पीसीएस की परीक्षा में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर दिए जाएंगे। पीसीएस परीक्षा में शामिल होने की सामान्य अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है। जो अभ्यर्थी 2013 में ओवरएज हो गए, उनकी आयु अब 44 वर्ष हो चुकी है। अगर 2017 से उन्हें मौका दिया जाता है तो दूसरा मौका उन्हें 45 वर्ष की आयु में मिलेगा। ऐसे में वे 45 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इसी तरह ओबीसी, एससी और एसटी अभ्यर्थी 45 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को भी आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट मिलती है। ऐसे में इस वर्ग के जो अभ्यर्थी 2013 में ओवरएज हो गए, वह 50 वर्ष की आयु तक पीसीएस की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इसी तरह दिव्यांग अभ्यर्थी 55 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। दो अतिरिक्त अवसर मिलने पर 2013 में ओवरएज हुए दिव्यांग अभ्यर्थी 60 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। हालांकि अब सभी को लिखित रूप से विस्तार के साथ दिशा-निर्देश जारी होने का इंतजार है ताकि स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सके।
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का टलना तय
प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में सीसैट से प्रभावित छात्रों का पीसीएस की परीक्षा में दो अतिरिक्त अवसर दिए जाने का निर्णय होने के बाद मई में प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का टलना तय है। ऐसे में परीक्षा जुलाई में होने की संभावना है। हालांकि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को अभी लिखित रूप से निर्देश मिलने का इंतजार है लेकिन शासन स्तर से अफसरों को टेलीफोन पर सूचना दे दी गई है कि इस साल नई व्यवस्था में पीसीएस की परीक्षा के आयोजन की तैयारी कर लें।
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गौरतलब है कि वर्ष 2012 में लोक सेवा आयोग में पीसीएस की परीक्षा में सीसैट पैटर्न लागू किया गया था और उसी वर्ष परीक्षा में आयु सीमा 35 से बढ़ाकर 40 वर्ष की गई थी लेकिन आयु सीमा में मिली छूट का लाभ 2013 से छात्रों को नहीं मिल पाया। कैबिनेट से प्रतियोगी छात्रों को राहत मिलने के बाद अब चर्चा है कि वर्ष 2013 से 2015 तक ओवरएज हुए सीसैट से प्रभावित छात्रों को दो अतिरिक्त अवसर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव अटल कुमार राय का कहना है कि इस बाबत टेलीफोन से सूचना मिली है लेकिन अब लिखित निर्देश आने का इंतजार है। इससे 2017 की परीक्षा से लागू किए जाने की स्थिति में पुनर्विज्ञापन किया जाएगा और ऐसे में मई में प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा टल टलेगी।
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 21 मई को प्रस्तावित है। इस बार पीसीएस-प्री परीक्षा के लिए प्रतियोगियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 27 मार्च निर्धारित की गई थी। तय तिथि तक कुल चार लाख 57 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। आवेदन से पहले 251 पद विज्ञापित किए गए थे लेकिन बाद में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के 49 नए पद आ गए। इस तरह कुल 300 पद हो गए हैं। पीसीएस-प्री की परीक्षा इलाहाबाद समेत 21 शहरों में होनी है। पुनर्विज्ञापन की स्थिति में छात्रों को फॉर्म भरने के लिए कम से कम 21 दिन का समय दिया जाएगा। इसके अलावा सीसैट से प्रभावित छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए 90 दिन का समय दिया जा सकता है। ऐसे में परीक्षा जुलाई में हो सकती है।
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सीसैट से प्रभावित वे छात्र जो 2013 से 2015 के बीच ओवर एज हो गए, उन्हें पीसीएस की परीक्षा में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर दिए जाएंगे। पीसीएस परीक्षा में शामिल होने की सामान्य अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है। जो अभ्यर्थी 2013 में ओवरएज हो गए, उनकी आयु अब 44 वर्ष हो चुकी है। अगर 2017 से उन्हें मौका दिया जाता है तो दूसरा मौका उन्हें 45 वर्ष की आयु में मिलेगा। ऐसे में वे 45 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इसी तरह ओबीसी, एससी और एसटी अभ्यर्थी 45 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को भी आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट मिलती है। ऐसे में इस वर्ग के जो अभ्यर्थी 2013 में ओवरएज हो गए, वह 50 वर्ष की आयु तक पीसीएस की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इसी तरह दिव्यांग अभ्यर्थी 55 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। दो अतिरिक्त अवसर मिलने पर 2013 में ओवरएज हुए दिव्यांग अभ्यर्थी 60 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। हालांकि अब सभी को लिखित रूप से विस्तार के साथ दिशा-निर्देश जारी होने का इंतजार है ताकि स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सके।
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पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का टलना तय
प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में सीसैट से प्रभावित छात्रों का पीसीएस की परीक्षा में दो अतिरिक्त अवसर दिए जाने का निर्णय होने के बाद मई में प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का टलना तय है। ऐसे में परीक्षा जुलाई में होने की संभावना है। हालांकि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को अभी लिखित रूप से निर्देश मिलने का इंतजार है लेकिन शासन स्तर से अफसरों को टेलीफोन पर सूचना दे दी गई है कि इस साल नई व्यवस्था में पीसीएस की परीक्षा के आयोजन की तैयारी कर लें।
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गौरतलब है कि वर्ष 2012 में लोक सेवा आयोग में पीसीएस की परीक्षा में सीसैट पैटर्न लागू किया गया था और उसी वर्ष परीक्षा में आयु सीमा 35 से बढ़ाकर 40 वर्ष की गई थी लेकिन आयु सीमा में मिली छूट का लाभ 2013 से छात्रों को नहीं मिल पाया। कैबिनेट से प्रतियोगी छात्रों को राहत मिलने के बाद अब चर्चा है कि वर्ष 2013 से 2015 तक ओवरएज हुए सीसैट से प्रभावित छात्रों को दो अतिरिक्त अवसर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव अटल कुमार राय का कहना है कि इस बाबत टेलीफोन से सूचना मिली है लेकिन अब लिखित निर्देश आने का इंतजार है। इससे 2017 की परीक्षा से लागू किए जाने की स्थिति में पुनर्विज्ञापन किया जाएगा और ऐसे में मई में प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा टल टलेगी।
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 21 मई को प्रस्तावित है। इस बार पीसीएस-प्री परीक्षा के लिए प्रतियोगियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 27 मार्च निर्धारित की गई थी। तय तिथि तक कुल चार लाख 57 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। आवेदन से पहले 251 पद विज्ञापित किए गए थे लेकिन बाद में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के 49 नए पद आ गए। इस तरह कुल 300 पद हो गए हैं। पीसीएस-प्री की परीक्षा इलाहाबाद समेत 21 शहरों में होनी है। पुनर्विज्ञापन की स्थिति में छात्रों को फॉर्म भरने के लिए कम से कम 21 दिन का समय दिया जाएगा। इसके अलावा सीसैट से प्रभावित छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए 90 दिन का समय दिया जा सकता है। ऐसे में परीक्षा जुलाई में हो सकती है।