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मेंस का पेपर देख छूटा पसीना, सवाल भी
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PCS 2018 mains
- फोटो : CITY DESK
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छह घंटे में 6500 शब्द लिखने में फूल गया परीक्षार्थियों का दम
पीसीएस मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के सवालों ने उलझाया
बदले पैटर्न पर पहली बार आयोजित मुख्य परीक्षा का दिखा असर
प्रयागराज, 19 अक्तूबर। पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा में शनिवार का दिन अभ्यर्थियों के लिए चुनौती भरा रहा। पहली बार बदले पैटर्न पर आयोजित मुख्य परीक्षा का असर साफ दिखा। परीक्षार्थी परेशान नजर आए। सामान्य अध्ययन का पेपर देख उनको पसीना छूट गया और ज्यादातर परीक्षार्थियों के दो से तीन सवाल भी छूटे। छह घंटे की परीक्षा के दौरान साढ़े छह हजार शब्दों में 40 सवालों का जवाब लिखने में परीक्षार्थियों का दम फूल गया। प्रयागराज और लखनऊ के केंद्रों में आयोजित परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 90 फीसदी के आसपास रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमूमन पीसीएस मुख्य परीक्षा में 70 फीसदी के आसपास की मार्किंग पर अभ्यर्थियों का चयन होता है लेकिन पैटर्न बदलने के बाद इस बार 50 फीसदी के आसपास की मार्किंग पर ही चयन के आसार हैं। पहले सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नपत्र आते थे और इनमें बहुविकल्पीय प्रकार के सवाल पूछे जाते थे लेकिन इस बार चार पेपर हो रहे हैं और सभी लघुउत्तरीय एवं दीर्घउत्तरीय प्रकार के हैं। सभी प्रश्न पत्र 200-200 अंकों के हैं। सामान्य अध्ययन का पहला पेपर सुबह 9.30 से 12.30 बजे और दूसरा पेपर अपराह्न दो से शाम पांच बजे तक था। रविवार को सामान्य अध्ययन के तीसरे और चौथे पेपर की परीक्षा होगी।
पहले पेपर में कुल 20 प्रश्न थे। खंड-अ से 10 प्रश्न लघुउत्तरीय प्रकार के थे और प्रत्येक का उत्तर 125 शब्दों में लिखना था जबकि 10 प्रश्न दीर्घउत्तरीय थे और प्रत्येक सवाल के उत्तर की शब्द सीमा 200 शब्द निर्धारित थी। इस तरह तीन घंटे में 3250 शब्दों में 20 सवालों का जवाब लिखना था। दूसरा पेपर भी ठीक इसी पैटर्न पर था। मुख्य परीक्षा में शामिल होने दिल्ली से आईं कीर्ति, मिर्जापुर के सुनील द्विवेदी, एटा के विवेक, कानपुर के रवि सिंह और प्रयागराज के सुनील का कहना था कि बहुविकल्पीय प्रकार के सवालों का जवाब देना आसान था लेकिन बदले पैटर्न पर हुई परीक्षा में पेपर काफी लंबा था। ज्यादातर अभ्यर्थियों के दो से तीन सवाल छूटे हैं लेकिन ऐसा सामान्य रूप से सभी के साथ हुआ है। सवाल उतने कठिन नहीं थे लेकिन जितना लिखना था, उस हिसाब से समय कम था। ऐसे में जिन विषयों पर पकड़ थी, वही सवाल सबसे पहले हल किए गए।
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पहले पेपर में विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण
प्रतियोगी परीक्षाओं एवं दर्शन विषय के विशेषज्ञ डॉ. अतुल मिश्र का कहना है कि सामान्य अध्ययन में समसामयिक मुद्दों के साथ विश्लेषात्मक क्षमता के परीक्षण पर आधारित सवाल पूछे गए। प्रथम प्रश्नपत्र में भूमंडलीकरण के प्रश्न भी सीधे न होकर विश्लेषणात्मक प्रकृति के रहे। साथ ही भारतीय संस्कृति एवं इतिहास के तहत सरदार वल्लभ भाई पटेल, महात्मा गांधी, विश्व शांति स्थापना में बौद्ध साहित्य, हिटलर की भूमिका से जुड़े सवालों के साथ 1857 का विद्रोह भी पूछा गया। ‘सांप्रदायिक हिंसा धार्मिक कट्टपंर्थियों द्वारा भड़काई जाती है’ और धर्म निरपेक्षता के औचित्य को लेकर भी सवाल पूछे गए।
चर्चित मुद्दों पर केंद्रित रहा द्वितीय प्रश्न पत्र
सामान्य अध्ययन का दूसरा पेपर चर्चित मुद्दों पर आधारित केंद्रित रहा। कश्मीर मुद्दे पर दो अलग-अलग सवाल पूछे गए। प्रथम खंड में ‘कश्मीर मामले में भारत मध्यस्थता का विरोध क्यों करता है?’ पूछा गया तो दूसरे खंड में पूछा गया, ‘धारा 370 पर भारत सरकार की कार्यवाही ने जम्मू कश्मीर की यथा स्थिति में परिवर्तन कर दिया है। यह इस क्षेत्र के विकास को किस प्रकार प्रभावित करेगा?’ इसके अलावा प्रवासी भारतीय, भारतीय ग्रामीण जीवन, मतदाता निरीक्षण पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवी पैट), चुनावी बांड, नीति आयोग, अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में अमेरिका, अफगानिस्तान, चीन-भारत संबंध, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय से जुड़े प्रश्नों को भी जगह दी गई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पर केंद्रित सवाल भी पूछे गए। सवाल समसामयिक मुद्दों एवं सरकार की नतियों से संबंधित रहे।
आईएएस की परीक्षा से 1500 शब्द रहे कम
पहली बार पीसीएस मुख्य परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा की तर्ज पर कराई गई। हालांकि आईएएस की परीक्षा के मुकाबले पीसीएस मेंस में अभ्यर्थियों को दोनों पेपर में 1500 शब्द कम लिखने थे। आईएएस की परीक्षा में सामान्य अध्ययन के पहले प्रश्न पत्र में दस सवाल लघुउत्तरीय प्रकार के होते हैं और प्रत्येक का उत्तर डेढ़ सौ शब्दों में देना होता है जबकि दीर्घउत्तरीय प्रकार के 10 सवालों का जवाब 200-200 शब्दों में देना होता है। इस तरह एक पेपर में चार हजार शब्दों के जवाब लिखने होते हैं और दूसरे पेपर में भी इतने ही शब्दों के जवाब लिखने होते हैं। इस तरह दोनों पेपरों में कुल आठ हजार शब्द लिखने होते हैं जबकि पीसीएस मेंस में शनिवार को हुई सामान्य अध्ययन के दोनों पेपरों की परीक्षा में कुल 6500 शब्दों में प्रश्नों के उत्तर देने थे।
अग्रसेन में गुल रही बत्ती, अभ्यर्थी परेशान
पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए अग्रसेन इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। शनिवार को वहां बत्ती गुल रही, जिससे अभ्यर्थियों को काफी दिक्कत हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि दिन में थोड़ी उमस थी और पंखे नहीं चल रहे थे। दूसरी पाली की परीक्षा में शाम चार बजे के बाद कमरों में रोशनी कम होने लगी। इससे पेपर हल करने में दिक्कत आई।
मॉडल पेपर जारी न होने से भी हुई दिक्कत
अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से लगातार मांग कर रहे थे कि पीसीएस मुख्य परीक्षा का मॉडल पेपर जारी किया जाए लेकिन आयोग ने केवल पेपर का प्रारूप जारी किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि पैटर्न बदलने पर आयोग को मॉडल पेपर जारी करना चाहिए था ताकि अभ्यर्थियों की तैयारी और बेहतर ढंग से होती लेकिन आयोग ने ऐसा नहीं किया।
कॉपी केंद्र से बाहर ले जाने पर अभ्यर्थी के खिलाफ एफआईआर
अग्रेसन इंटर कॉलेज में शुक्रवार को पीसीएस मेंस की हिंदी की परीक्षा के दौरान कॉपी केंद्र से बाहर ले जाने के मामले में एक अभ्यर्थी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा शुक्रवार से शुरू हुई है। पहले दिन हिंदी और निबंध का पेपर था। सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे की पहली पाली में हिंदी की परीक्षा देने के बाद नवाबगंज, हरदोई के रहने वाला धीरज कुमार कॉपी भी अपने साथ केंद्र से बाहर ले गया। कक्ष निरीक्षक ने प्रधानाचार्य को इसकी सूचना दी तो वहां हड़कंप मच गया। हालांकि अभ्यर्थी 40 मिनट बाद लौट आया और उसने प्रधानाचार्य के समक्ष कॉपी लौटा दी। मामले में प्रधानाचार्य की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने अभ्यर्थी धीरज कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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पीसीएस मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के सवालों ने उलझाया
बदले पैटर्न पर पहली बार आयोजित मुख्य परीक्षा का दिखा असर
प्रयागराज, 19 अक्तूबर। पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा में शनिवार का दिन अभ्यर्थियों के लिए चुनौती भरा रहा। पहली बार बदले पैटर्न पर आयोजित मुख्य परीक्षा का असर साफ दिखा। परीक्षार्थी परेशान नजर आए। सामान्य अध्ययन का पेपर देख उनको पसीना छूट गया और ज्यादातर परीक्षार्थियों के दो से तीन सवाल भी छूटे। छह घंटे की परीक्षा के दौरान साढ़े छह हजार शब्दों में 40 सवालों का जवाब लिखने में परीक्षार्थियों का दम फूल गया। प्रयागराज और लखनऊ के केंद्रों में आयोजित परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 90 फीसदी के आसपास रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमूमन पीसीएस मुख्य परीक्षा में 70 फीसदी के आसपास की मार्किंग पर अभ्यर्थियों का चयन होता है लेकिन पैटर्न बदलने के बाद इस बार 50 फीसदी के आसपास की मार्किंग पर ही चयन के आसार हैं। पहले सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नपत्र आते थे और इनमें बहुविकल्पीय प्रकार के सवाल पूछे जाते थे लेकिन इस बार चार पेपर हो रहे हैं और सभी लघुउत्तरीय एवं दीर्घउत्तरीय प्रकार के हैं। सभी प्रश्न पत्र 200-200 अंकों के हैं। सामान्य अध्ययन का पहला पेपर सुबह 9.30 से 12.30 बजे और दूसरा पेपर अपराह्न दो से शाम पांच बजे तक था। रविवार को सामान्य अध्ययन के तीसरे और चौथे पेपर की परीक्षा होगी।
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पहले पेपर में कुल 20 प्रश्न थे। खंड-अ से 10 प्रश्न लघुउत्तरीय प्रकार के थे और प्रत्येक का उत्तर 125 शब्दों में लिखना था जबकि 10 प्रश्न दीर्घउत्तरीय थे और प्रत्येक सवाल के उत्तर की शब्द सीमा 200 शब्द निर्धारित थी। इस तरह तीन घंटे में 3250 शब्दों में 20 सवालों का जवाब लिखना था। दूसरा पेपर भी ठीक इसी पैटर्न पर था। मुख्य परीक्षा में शामिल होने दिल्ली से आईं कीर्ति, मिर्जापुर के सुनील द्विवेदी, एटा के विवेक, कानपुर के रवि सिंह और प्रयागराज के सुनील का कहना था कि बहुविकल्पीय प्रकार के सवालों का जवाब देना आसान था लेकिन बदले पैटर्न पर हुई परीक्षा में पेपर काफी लंबा था। ज्यादातर अभ्यर्थियों के दो से तीन सवाल छूटे हैं लेकिन ऐसा सामान्य रूप से सभी के साथ हुआ है। सवाल उतने कठिन नहीं थे लेकिन जितना लिखना था, उस हिसाब से समय कम था। ऐसे में जिन विषयों पर पकड़ थी, वही सवाल सबसे पहले हल किए गए।
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प्रतियोगी परीक्षाओं एवं दर्शन विषय के विशेषज्ञ डॉ. अतुल मिश्र का कहना है कि सामान्य अध्ययन में समसामयिक मुद्दों के साथ विश्लेषात्मक क्षमता के परीक्षण पर आधारित सवाल पूछे गए। प्रथम प्रश्नपत्र में भूमंडलीकरण के प्रश्न भी सीधे न होकर विश्लेषणात्मक प्रकृति के रहे। साथ ही भारतीय संस्कृति एवं इतिहास के तहत सरदार वल्लभ भाई पटेल, महात्मा गांधी, विश्व शांति स्थापना में बौद्ध साहित्य, हिटलर की भूमिका से जुड़े सवालों के साथ 1857 का विद्रोह भी पूछा गया। ‘सांप्रदायिक हिंसा धार्मिक कट्टपंर्थियों द्वारा भड़काई जाती है’ और धर्म निरपेक्षता के औचित्य को लेकर भी सवाल पूछे गए।
चर्चित मुद्दों पर केंद्रित रहा द्वितीय प्रश्न पत्र
सामान्य अध्ययन का दूसरा पेपर चर्चित मुद्दों पर आधारित केंद्रित रहा। कश्मीर मुद्दे पर दो अलग-अलग सवाल पूछे गए। प्रथम खंड में ‘कश्मीर मामले में भारत मध्यस्थता का विरोध क्यों करता है?’ पूछा गया तो दूसरे खंड में पूछा गया, ‘धारा 370 पर भारत सरकार की कार्यवाही ने जम्मू कश्मीर की यथा स्थिति में परिवर्तन कर दिया है। यह इस क्षेत्र के विकास को किस प्रकार प्रभावित करेगा?’ इसके अलावा प्रवासी भारतीय, भारतीय ग्रामीण जीवन, मतदाता निरीक्षण पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवी पैट), चुनावी बांड, नीति आयोग, अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में अमेरिका, अफगानिस्तान, चीन-भारत संबंध, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय से जुड़े प्रश्नों को भी जगह दी गई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पर केंद्रित सवाल भी पूछे गए। सवाल समसामयिक मुद्दों एवं सरकार की नतियों से संबंधित रहे।
आईएएस की परीक्षा से 1500 शब्द रहे कम
पहली बार पीसीएस मुख्य परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा की तर्ज पर कराई गई। हालांकि आईएएस की परीक्षा के मुकाबले पीसीएस मेंस में अभ्यर्थियों को दोनों पेपर में 1500 शब्द कम लिखने थे। आईएएस की परीक्षा में सामान्य अध्ययन के पहले प्रश्न पत्र में दस सवाल लघुउत्तरीय प्रकार के होते हैं और प्रत्येक का उत्तर डेढ़ सौ शब्दों में देना होता है जबकि दीर्घउत्तरीय प्रकार के 10 सवालों का जवाब 200-200 शब्दों में देना होता है। इस तरह एक पेपर में चार हजार शब्दों के जवाब लिखने होते हैं और दूसरे पेपर में भी इतने ही शब्दों के जवाब लिखने होते हैं। इस तरह दोनों पेपरों में कुल आठ हजार शब्द लिखने होते हैं जबकि पीसीएस मेंस में शनिवार को हुई सामान्य अध्ययन के दोनों पेपरों की परीक्षा में कुल 6500 शब्दों में प्रश्नों के उत्तर देने थे।
अग्रसेन में गुल रही बत्ती, अभ्यर्थी परेशान
पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए अग्रसेन इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। शनिवार को वहां बत्ती गुल रही, जिससे अभ्यर्थियों को काफी दिक्कत हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि दिन में थोड़ी उमस थी और पंखे नहीं चल रहे थे। दूसरी पाली की परीक्षा में शाम चार बजे के बाद कमरों में रोशनी कम होने लगी। इससे पेपर हल करने में दिक्कत आई।
मॉडल पेपर जारी न होने से भी हुई दिक्कत
अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से लगातार मांग कर रहे थे कि पीसीएस मुख्य परीक्षा का मॉडल पेपर जारी किया जाए लेकिन आयोग ने केवल पेपर का प्रारूप जारी किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि पैटर्न बदलने पर आयोग को मॉडल पेपर जारी करना चाहिए था ताकि अभ्यर्थियों की तैयारी और बेहतर ढंग से होती लेकिन आयोग ने ऐसा नहीं किया।
कॉपी केंद्र से बाहर ले जाने पर अभ्यर्थी के खिलाफ एफआईआर
अग्रेसन इंटर कॉलेज में शुक्रवार को पीसीएस मेंस की हिंदी की परीक्षा के दौरान कॉपी केंद्र से बाहर ले जाने के मामले में एक अभ्यर्थी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा शुक्रवार से शुरू हुई है। पहले दिन हिंदी और निबंध का पेपर था। सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे की पहली पाली में हिंदी की परीक्षा देने के बाद नवाबगंज, हरदोई के रहने वाला धीरज कुमार कॉपी भी अपने साथ केंद्र से बाहर ले गया। कक्ष निरीक्षक ने प्रधानाचार्य को इसकी सूचना दी तो वहां हड़कंप मच गया। हालांकि अभ्यर्थी 40 मिनट बाद लौट आया और उसने प्रधानाचार्य के समक्ष कॉपी लौटा दी। मामले में प्रधानाचार्य की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने अभ्यर्थी धीरज कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।