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छह फीसदी ब्याज सहित सेवानिवृत्त कर्मी का करे भुगतान
Sat, 26 Jun 2021 08:26 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 26 Jun 2021 08:26 PM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर विद्युत आपूर्ति निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को सेवानिवृत्त कर्मी को 2011 से छह फीसदी ब्याज के साथ बकाया ग्रेच्युटी व पेंशन का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि याची राज्य विद्युत निगम का 1982 से कर्मचारी रहा है 2000 में छंटनी के बाद श्रम न्यायालय के आदेश पर नवंबर 2001 में बहाल हुआ। इसलिए अक्तूबर 2001 के बाद कानपुर विद्युत वितरण निगम में नियुक्त कर्मी को पेंशन न देने की स्कीम उस पर लागू नहीं होगी। वह सेवा निरंतरता के साथ पेंशन आदि पाने का हकदार है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने विजय शंकर त्रिपाठी की याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि उसकी नई नियुक्ति नहीं है। वह 8 मई 1982 से कार्यरत है। कंपनी का समायोजन होने पर उसकी छंटनी कर दी गई। कोर्ट के आदेश पर सेवा निरंतरता के साथ बहाली हुई। उसे पेंशन न देना विधि विरुद्ध है। कोर्ट ने 1982 से याची को पेंशन का हकदार माना है। संवाद
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कोर्ट ने कहा है कि याची राज्य विद्युत निगम का 1982 से कर्मचारी रहा है 2000 में छंटनी के बाद श्रम न्यायालय के आदेश पर नवंबर 2001 में बहाल हुआ। इसलिए अक्तूबर 2001 के बाद कानपुर विद्युत वितरण निगम में नियुक्त कर्मी को पेंशन न देने की स्कीम उस पर लागू नहीं होगी। वह सेवा निरंतरता के साथ पेंशन आदि पाने का हकदार है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने विजय शंकर त्रिपाठी की याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि उसकी नई नियुक्ति नहीं है। वह 8 मई 1982 से कार्यरत है। कंपनी का समायोजन होने पर उसकी छंटनी कर दी गई। कोर्ट के आदेश पर सेवा निरंतरता के साथ बहाली हुई। उसे पेंशन न देना विधि विरुद्ध है। कोर्ट ने 1982 से याची को पेंशन का हकदार माना है। संवाद
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