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पशुधन विभाग भर्ती घोटालाः एसआईटी ने हाईकोर्ट में दाखिल की प्रगति रिपोर्ट

Tue, 18 Feb 2020 08:24 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 08:24 PM IST
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Pashudhan Vibhag Bharti recruitment scam
Pashudhan Vibhag Bharti recruitment scam
आरोपी अफसरों को निलंबित कर की जा रही जांच
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प्रयागराज। पशुधन विभाग की भर्तियों में घोटाले की जांच कर रही स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने मंगलवार को हाईकोर्ट में प्रगति रिपोर्ट दाखिल की। एसआईटी ने बताया कि इस मामले में आरोपी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के अलावा विभागीय जांच की जा रही है। एसआईटी को अपनी जांच पूरी करने में अभी दो या तीन महीने का समय और लगेगा।
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने इस बात पर हैरानी जताई कि दिसंबर 2017 में हाईकोर्ट ने एसआईटी जांच का आदेश दिया था। उम्मीद थी कि एसआईटी दो-तीन महीने में जांच पूरी कर लेगी, मगर दो साल बीत जाने के बावजूद जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुुंची है। प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने प्रमुख सचिव पशुधन विभाग की ओर से हलफनामा प्रस्तुत कर बताया कि इस मामले में शामिल रहे और दोषी पाए गए अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। निलंबित अधिकारियों को चार्जशीट दी गई है। इनमें से कुछ ने अपने जवाब भी दे दिए हैं।
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कोर्ट को बताया गया कि मूल उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के लिए किए गए अनुबंध लेटर ऑफ एग्रीमेंट की मूल प्रति पशुधन विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. रुद्रप्रताप के पास है, जिसे उन्होंने देने से इंकार कर दिया है। उन्होंने सिर्फ फोटोकॉपी उपलब्ध कराई है। लेटर ऑफ एग्रीमेंट जांच का केंद्र बिंदु है। मूल प्रति देने से उन्होंने लिखित रूप से इंकार कर दिया है, इसलिए प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। कोर्ट ने एसआईटी को 30 अप्रैल तक फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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यह था मामला
पशुधन विभाग में 1005 पदों पर भर्ती के लिए 2014 में विज्ञापन जारी किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी कर अभ्यर्थियोें को नियुक्ति दे दी गई। कुछ अभ्यर्थियों ने भर्ती में धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने जांच के बाद पशुधन विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. रुद्र प्रताप, संयुक्त निदेशक डॉ. पीके त्रिपाठी, अपर निदेशक (फैजाबाद मंडल) डॉ. जीएन सिंह और डॉ. चरन सिंह, फिरोजगांधी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रायबरेली के सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर मो. इशरत और गोरखपुर मंडल के अपर निदेशक डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। अधिकारियों पर नियम विरुद्ध तरीके से नियुक्तियां करने का आरोप है।
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