प्रयागराज : तोतों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, कार में भरकर ले जाए जा रहे 500 तोते बरामद
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि हम लोगों का प्रतिबंधित वन्य जीवों की तस्करी का एक सक्रिय गिरोह है। यह प्रयागराज से वन्य जीवों/पक्षियों को खरीदकर अन्य राज्यों बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल में ऊंचे दामों में बेचते हैं। वसीम उर्फ अरमान ने बताया गया कि मैं व आसिफ दो दिन पहले आसनसोल पश्चिम बंगाल से ट्रेन से प्रयागराज आए।
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कीडगंज थाना क्षेत्र के बैरहना में एसटीएफ ने तोतों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इनके कब्जे से 500 तोते बरामद किए गए हैं। इन्हें क्रूरतापूर्वक पिंजरे व झोलों में रखकर बिहार व झारखंड ले जाया जा रहा था। इनके कब्जे से अर्टिगा कार भी बरामद की गई है। आरोपियों में चालक इंजमाम, मो.वसीम उर्फ अरमान व मो.आसिफ निवासी पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
एसटीएफ को प्रतिबंधित वन्य जीवों की तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्यों के बारे में सूचना मिली थी। पता चला था कि बैरहना से वाराणसी की तरफ प्रतिबंधित तोतों को ले जाया जा रहा है। इस पर बुधवार रात 10 बजे बांगड़ धर्मशाला के पास घेराबंदी की गई। कुछ समय बाद अर्टिगा कार आते दिखी तो उसे रोककर तलाशी लेने पर इसमें पांच पिंजड़ों व प्लास्टिक के बैग में करीब 500 तोते भरे मिले। इसके बाद वन विभाग की टीम को बुलाकर तोते सुपुर्द कर दिए गए।
100 से 500 रुपये में खरीदे गए थे तोते
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि हम लोगों का प्रतिबंधित वन्य जीवों की तस्करी का एक सक्रिय गिरोह है। यह प्रयागराज से वन्य जीवों/पक्षियों को खरीदकर अन्य राज्यों बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल में ऊंचे दामों में बेचते हैं। वसीम उर्फ अरमान ने बताया गया कि मैं व आसिफ दो दिन पहले आसनसोल पश्चिम बंगाल से ट्रेन से प्रयागराज आए।
प्रयागराज में मस्तान मार्केट के गुल्फाम से तोते 100 से 500 रुपये में खरीदे। फिर स्थानीय मार्केट से ही किराये पर कार बुक की। तोतों को लेकर हम आसनसोल पश्चिम बंगाल जा रहे थे। कीडगंज थानाध्यक्ष अनिल भगत ने बताया कि वन दरोगा संजीव राठौर की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। इस मामले में वन विभाग के अफसरों ने बताया कि भारत में पाए जाने वाले सभी जंगली पशु-पक्षी वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में तहत संरक्षित हैं।