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खुली लंबी गाड़ी से प्रचार करने को निकलते थे पंडित नेहरू

Fri, 15 Mar 2019 12:25 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 15 Mar 2019 12:25 AM IST
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Pandit Nehru used to go out to campaign for an open train
neharu - फोटो : प्रयागराज
दूसरी लोकसभा के लिए वर्ष 1957 के चुनाव में देशभर की निगाहें इलाहाबाद पर ही टिकी हुई थी। तब लोकसभा की ‘इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट ईस्ट कम जौनपुर डिस्ट्रिक्ट वेस्ट’ सीट का नाम फूलपुर हो गया था। इस नए नामकरण के बाद यहां से देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू चुनाव मैदान में उतरे। प्रधानमंत्री होने के बावजूद भी उस चुनाव में पंडित नेहरू ने पूरा चुनाव प्रचार एक खुली लंबी गाड़ी से किया। खास बात यह रही कि वे जब  चुनाव प्रचार के लिए  निकलते थे तो उनके साथ वाहनों का लंबा काफिला नहीं रहता था। उनके काफिले में छह  से आठ चार पहिया वाहन ही रहते थे।
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प्रधानमंत्री होने की वजह से नेहरू को कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए देश में तमाम स्थानों पर सभाएं करनी होती थीड्ड। इतनी व्यस्तता के बीच उन्होंने फूलपुर लोकसभा क्षेत्र की सभी पांच विधानसभाओं में सभाएं की। इस दौरान मेजा के उरुवा में उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के समर्थन में भी एक सभा की। नेहरू चुनाव के दौरान जितने दिन भी इलाहाबाद में रहे, वे सुबह ही आनंद भवन से खुली गाड़ी में निकलते। रास्ते भर वे  अपनी गाड़ी से ही लोगों का अभिवादन करते। दारागंज के निराला चौराहा जिसे अड्डा भी बोला जाता है वहां पूर्व पीएम कुछ देर के लिए रुकते। उस समय गंगा पर शास्त्री ब्रिज नहीं था।  
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माघ मेला अवधि में चुनाव होने की वजह से तब गंगा पर पांटून पुल बनता था। नेहरू दारागंज सब्जी मंडी से निकलकर गंगा में बने पांटून पुल से झूंसी होते हुए वे गंगापार निकल जाते। तब चुनाव के दौरान तमाम गांवों में रात के वक्त होने वाली चौपाल में भी उन्होंने कई दफे शिरकत की। वर्ष 1957 में मतदान 25 फरवरी को हुआ था। तब इस संसदीय सीट पर कुल 38.62 फीसदी वोटिंग हुई। यहां से कुल सात प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। तब जनसंघ के प्रत्याशी क्रमश: चौथे और छठे नंबर पर रहे।
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दूसरे चुनाव में भी एक सीट से चुने गए दो सांसद

वर्ष 1951-1952 में लोकसभा के पहले लोकसभा चुनाव की तर्ज पर दूसरे चुनाव में भी एक ही संसदीय क्षेत्र से दो सांसद चुने गए थे। तब फूलपुर से जवाहर लाल नेहरू के साथ मसुरिया दीन भी सांसद निर्वाचित हुए थे। इसके  पूर्व पहले चुनाव में  भी ‘इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट ईस्ट कम जौनपुर डिस्ट्रिक्ट वेस्ट’ से ये दोनों सांसद के रूप में निर्वाचित हुए थे। दरअसल, पहली और दूसरी लोकसभा में आरक्षित सीट चिह्नित नहीं की जा सकी थी। उन्हेें अधिसूचित भी नहीं किया गया था। सपा नेता केके श्रीवास्तव का  कहना  है कि इस वजह से कुछ सीटों पर सर्वाधिक मत पाने वाले पहले दो प्रत्याशियों को सांसद के रूप में चुना गया। फूलपुर संसदीय सीट से तब जवाहर लाल नेहरू 227448 एवं मसुरिया दीन 198430 मत पाकर निर्वाचित हुए।  

फूलपुर संसदीय क्षेत्र
जवाहर लाल नेहरू    कांग्रेस    227448    36.87
मसुरिया दीन    कांग्रेस    198430    32.17
चेतराम    पीएसपी    61322    9.94
ठाकुर दास    जनसंघ    47469    7.65
सीताराम खेमका    निर्दलीय    34329    5.57
शिव आधार    जनसंघ    31071    5.04
इंदू देव    निर्दलीय    17093    2.77
विज्ञान सागर सोनकर    निर्दलीय    शून्य    शून्य
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