{"_id":"68e766a6b5f363fa7402aa44","slug":"panchayat-election-ruckus-over-fake-list-rumours-spread-of-panchayat-elections-2010-reservations-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchayat Election : फर्जी सूची पर बवाल, 2010 के आरक्षण पर 2026 में पंचायत चुनाव की अफवाह फैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchayat Election : फर्जी सूची पर बवाल, 2010 के आरक्षण पर 2026 में पंचायत चुनाव की अफवाह फैली
Thu, 09 Oct 2025 01:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 09 Oct 2025 01:09 PM IST
सार
जिले में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी के बीच सोशल मीडिया पर ग्राम पंचायतों की कथित आरक्षण सूची वायरल हो गई है। वायरल सूची में दावा किया गया है कि वर्ष 2010 के आरक्षण को आधार बनाकर ही वर्ष 2026 का पंचायत चुनाव होगा।
विज्ञापन
पंचायत चुनाव।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
जिले में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी के बीच सोशल मीडिया पर ग्राम पंचायतों की कथित आरक्षण सूची वायरल हो गई है। वायरल सूची में दावा किया गया है कि वर्ष 2010 के आरक्षण को आधार बनाकर ही वर्ष 2026 का पंचायत चुनाव होगा। विभाग ने इस सूची को पूरी तरह फर्जी करार दिया है और इसे वायरल करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, करीब आठ से दस विकास खंडों की कथित आरक्षण सूची सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई है। इनमें कुछ ऐसे गांव भी शामिल हैं जो अब नगर निकाय सीमा में शामिल हो चुके हैं। वायरल सूची में संभावित आरक्षण लिखकर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई है, जिससे कई गांवों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
विज्ञापन
पंचायती राज विभाग ने सूची को भ्रामक और फर्जी बताते हुए कहा है कि इसका विभाग से कोई लेना-देना नहीं है। कहा है कि पंचायत चुनाव के आरक्षण की प्रक्रिया शासन स्तर से निर्धारित नियमों के तहत समय पर की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में पंचायत चुनाव मार्च-अप्रैल 2026 में संभावित है। इस बीच आरक्षण की अफवाहों ने दावेदारों और ग्रामीणों के बीच नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
विज्ञापन
कुछ अराजकतत्वों ने फर्जी सूची बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की है। यह पूरी तरह से गलत है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस को पत्र भेजकर विधिक कार्रवाई कराई जाएगी। लोगों से अपील है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित फर्जी सूचनाओं से भ्रमित न हों और केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। - रविशंकर द्विवेदी, जिला पंचायत राज अधिकारी, प्रयागराज