प्रयागराज : जेल में बंद अतीक के बेटे अली के नाम से पंफ्लेट वायरल, सीएम योगी और अखिलेश यादव पर लगाया आरोप
माफिया अतीक अहमद के जेल में बंद बेटे अली के नाम से सोशल मीडिया पर पंफ्लेट वायरल होेने पर शुक्रवार को हड़कंप मचा रहा। इसमें सीएम याेगी आदित्यनाथ के साथ सपा मुखिया अखिलेश यादव पर भी आरोप लगाए गए हैं।
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माफिया अतीक अहमद के जेल में बंद बेटे अली के नाम से सोशल मीडिया पर पंफ्लेट वायरल होेने पर शुक्रवार को हड़कंप मचा रहा। इसमें सीएम याेगी आदित्यनाथ के साथ सपा मुखिया अखिलेश यादव पर भी आरोप लगाए गए हैं। यह भी लिखा है कि पुलिस उसकी और उसकी मां का एनकाउंटर करने में लगी है। इन बातों का हवाला देकर वर्ग विशेष के लोगों से एक होने की अपील की गई है।
पंफ्लेट में लिखा है ‘आप सभी लोग हालात देख रहे हैं कि कैसे मेरे वालिद, मेरे चाचा अशरफ व भाई असद का एनकाउंटर कर दिया गया। अब हमको भी मारने की कोशिश की जा रही है। इसमें जितना हाथ भाजपा, योगी आदित्यनाथ का है, उतना ही समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव का है। मैं आप लोगों से गुजारिश करता हूं कि आप एक हो जाएं। आप लोगों के दिल में मेरे अब्बा के लिए थोड़ी भी जगह है तो आप लोग उनकी बात का ध्यान रखिए। इतना इशारा आप लोगों के लिए काफी है। अब हम किसी के बहकावे में नहीं आएंगे’
पंफ्लेट में सबसे नीचे अली अहमद पुत्र मरहूम अतीक अहमद लिखा है। इसके अलावा सबसे ऊपर अतीक, अशरफ और अली की तस्वीर छपी है। इस पंफ्लेट के वायरल होने की खबर मिलने के बाद पुलिस अफसरों के भी कान खड़े हो गए। जुमे की नमाज को लेकर पुलिस पहले से अलर्ट थी। पंफ्लेट वायरल होने के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई। पुलिस जुमे की नमाज अदा होने तक लगातार सड़कों पर गश्त करती रही। उधर चौक स्थित जामा मस्जिद के बाहर आरएएफ तैनात की गई थी। इसके अलावा कमिश्नर रमित शर्मा भी वहां पहुंचे।
चुनाव में फायदा उठाने की साजिश तो नहीं?
वायरल पंफ्लेट को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कहीं यह निकाय चुनाव में फायदा उठाने के लिए कोई साजिश तो नहीं। दरअसल अतीक-अशरफ की हत्या के बाद से ही अली को जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। उसकी कड़ी निगरानी की जा रही है। उससे मिलने जुलने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। ऐसे में जेल से ऐसी कोई साजिश रचा जाना आसान नहीं। अतीक के परिवार ही नहीं बल्कि करीबी रिश्तेदार भी घर छोड़कर फरार हैं, जिससे उनका हाथ होने की संभावना भी बेहद कम है। पुलिस अफसरों का कहना है कि फिलहाल इसका पता लगाया जा रहा है कि पंफ्लेट कैसे वायरल हुआ।