{"_id":"5803de734f1c1b691a28f88f","slug":"owners-claim-at-the-end-of-the-year-will-start-building-a-ram-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वामी का दावा, वर्ष के अंत में शुरू होगा राम मंदिर निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वामी का दावा, वर्ष के अंत में शुरू होगा राम मंदिर निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 17 Oct 2016 01:52 AM IST
विज्ञापन
allahabad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य डॉ.सुब्रह्मणयम स्वामी ने एक बार फिर दावा किया है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जल्द शुरू होगा। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई जल्द पूरी हो, इसके लिए पहली नवंबर को याचिका दाखिल की जाएगी। रविवार को यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आए डॉ.स्वामी केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन पर भी जमकर बरसे।
डॉ.स्वामी ने कहा, अयोध्या में राम मंदिर बनेगा क्योंकि यह अस्मिता का सवाल है। हालांकि यह भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल है लेकिन मैं अकेले ही इस काम को आगे बढ़ाऊंगा। राम मंदिर का मामला सर्वोच्च अदालत में लंबित है। इसकी सुनवाई प्रतिदिन हो और जल्द निर्णय आए, इसके लिए याचिका दाखिल की जाएगी ताकि अधिकतम दो महीने में फैसला आ जाए। उम्मीद है कि फैसला मंदिर के पक्ष में ही आएगा और वर्ष के अंत तक मंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा।
कहा, जब मंदिर बनता है तो उसमें प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा होती है। अयोध्या में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। मंदिर में प्राण है, जबकि मस्जिद प्रार्थना स्थल है। तमाम मुस्लिम देशों में विकास कार्य आदि के लिए मस्जिदें हटाई गई हैं। अयोध्या में भगवान राम, मथुरा में भगवान कृष्ण और वाराणसी में काशी विश्वनाथ को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
अरुण जेटली से नाखुश डॉ.स्वामी ने कहा, वह सक्षम वित्त मंत्री नहीं हैं। जेटली पर फैसला प्रधानमंत्री मोदी को लेना है। मोदी ज्ञानी हैं और सौ फीसदी देश के लिए काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री पर भी जल्द फैसला होगा। वह रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन पर भी जमकर बरसे। कहा, उनका विरोध इसलिए किया क्योंकि उन्होंने दावा किया था कि ब्याज दर बढ़ाने से ही मुद्रा स्फीति में सुधार होगा लेकिन छोटे उद्योगों को नुकसान और उससे होने वाली बेरोजगारी के बारे में नहीं सोचा। उनके स्थान पर दूसरे गवर्नर की नियुक्ति के दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि उनके हटने से शेयर मार्केट धड़ाम हो जाएगा लेकिन इसका उल्टा हुआ। जिस दिन नए गवर्नर ने कार्यभार ग्रहण किया, सेंसेक्स 30 अंक चढ़कर बंद हुआ।
मुस्लिम महिलाएं चाहती हैं सामान अधिकार
डॉ.स्वामी का कहना है कि सामान नागरिक संहिता सरकार का अनिवार्य कर्तव्य है, जो संविधान की धारा 44 में भी स्पष्ट है। संविधान बनते समय भी यह तय हुआ था कि इसे व्यक्तिगत मूलभूत अधिकार नहीं बनाया जाएगा, बल्कि इसे सरकार के अनिवार्य कामों में जोड़ेंगे। इसे करना है। मुस्लिम समुदाय की महिलाएं भी सामान अधिकार चाहती हैं। तथाकथित धर्मगुरुओं का तर्क सही नहीं है क्योंकि आस्ट्रेलिया, अमेरिका जैसे देशों में बड़ी संख्या में मुस्लिम हैं और वहां उन्होंने यूनीफॉर्म सिविल कोड मान लिया है। अपने देश में यूनीफॉर्म क्रिमिनल कोड मान लिया गया है, ऐसे में इस मुद्दे पर यह सवाल क्यों उठाया जा रहा है।
इंदिरा ने भी लिया था बांग्लादेश का श्रेय
सर्जिकल स्ट्राइक पर भाजपा की ओर से राजनीतिकरण किए जाने और चुनावी लाभ लेने के आरोपों पर डॉ.स्वामी ने स्पष्ट कहा, बांग्लादेश अलग करने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी श्रेय लिया था। अब जब सर्जिकल स्ट्राइक की देश-दुनिया में जय-जयकार हो रही है तो भाजपा क्यों न श्रेय ले। प्रधानमंत्री के 56 इंच के सीने के बयान पर सवाल खड़े करने वालों को सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब मिल गया है। विपक्षी जब हमारी निंदा कर रहे थे तब यह नहीं कहा कि राजनीतिकरण हो रहा है। अब जब करके दिखा दिया तो कहा जा रहा है कि बोलिए मत चुप रहिए, ऐसा कैसे हो सकता है। भारत पाकिस्तान से युद्ध के लिए तैयार है, पिछली बार दो टुकड़े किए थे, अबकी चार टुकड़े होंगे।
00
नरसिम्हा राव को मिले ‘भारत रत्न’
डॉ.सुब्रह्मणयम स्वामी का मानना है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था के लिए जो कदम उठाए, उसका लाभ अब दिख रहा है। ऐसे में वह ‘भारत रत्न’ के हकदार हैं। केंद्र को इस वर्ष या फिर अगले वर्ष उन्हें यह सम्मान देना चाहिए। इस बारे में मैंने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है।
विज्ञापन
डॉ.स्वामी ने कहा, अयोध्या में राम मंदिर बनेगा क्योंकि यह अस्मिता का सवाल है। हालांकि यह भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल है लेकिन मैं अकेले ही इस काम को आगे बढ़ाऊंगा। राम मंदिर का मामला सर्वोच्च अदालत में लंबित है। इसकी सुनवाई प्रतिदिन हो और जल्द निर्णय आए, इसके लिए याचिका दाखिल की जाएगी ताकि अधिकतम दो महीने में फैसला आ जाए। उम्मीद है कि फैसला मंदिर के पक्ष में ही आएगा और वर्ष के अंत तक मंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
कहा, जब मंदिर बनता है तो उसमें प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा होती है। अयोध्या में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। मंदिर में प्राण है, जबकि मस्जिद प्रार्थना स्थल है। तमाम मुस्लिम देशों में विकास कार्य आदि के लिए मस्जिदें हटाई गई हैं। अयोध्या में भगवान राम, मथुरा में भगवान कृष्ण और वाराणसी में काशी विश्वनाथ को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
अरुण जेटली से नाखुश डॉ.स्वामी ने कहा, वह सक्षम वित्त मंत्री नहीं हैं। जेटली पर फैसला प्रधानमंत्री मोदी को लेना है। मोदी ज्ञानी हैं और सौ फीसदी देश के लिए काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री पर भी जल्द फैसला होगा। वह रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन पर भी जमकर बरसे। कहा, उनका विरोध इसलिए किया क्योंकि उन्होंने दावा किया था कि ब्याज दर बढ़ाने से ही मुद्रा स्फीति में सुधार होगा लेकिन छोटे उद्योगों को नुकसान और उससे होने वाली बेरोजगारी के बारे में नहीं सोचा। उनके स्थान पर दूसरे गवर्नर की नियुक्ति के दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि उनके हटने से शेयर मार्केट धड़ाम हो जाएगा लेकिन इसका उल्टा हुआ। जिस दिन नए गवर्नर ने कार्यभार ग्रहण किया, सेंसेक्स 30 अंक चढ़कर बंद हुआ।
मुस्लिम महिलाएं चाहती हैं सामान अधिकार
डॉ.स्वामी का कहना है कि सामान नागरिक संहिता सरकार का अनिवार्य कर्तव्य है, जो संविधान की धारा 44 में भी स्पष्ट है। संविधान बनते समय भी यह तय हुआ था कि इसे व्यक्तिगत मूलभूत अधिकार नहीं बनाया जाएगा, बल्कि इसे सरकार के अनिवार्य कामों में जोड़ेंगे। इसे करना है। मुस्लिम समुदाय की महिलाएं भी सामान अधिकार चाहती हैं। तथाकथित धर्मगुरुओं का तर्क सही नहीं है क्योंकि आस्ट्रेलिया, अमेरिका जैसे देशों में बड़ी संख्या में मुस्लिम हैं और वहां उन्होंने यूनीफॉर्म सिविल कोड मान लिया है। अपने देश में यूनीफॉर्म क्रिमिनल कोड मान लिया गया है, ऐसे में इस मुद्दे पर यह सवाल क्यों उठाया जा रहा है।
इंदिरा ने भी लिया था बांग्लादेश का श्रेय
सर्जिकल स्ट्राइक पर भाजपा की ओर से राजनीतिकरण किए जाने और चुनावी लाभ लेने के आरोपों पर डॉ.स्वामी ने स्पष्ट कहा, बांग्लादेश अलग करने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी श्रेय लिया था। अब जब सर्जिकल स्ट्राइक की देश-दुनिया में जय-जयकार हो रही है तो भाजपा क्यों न श्रेय ले। प्रधानमंत्री के 56 इंच के सीने के बयान पर सवाल खड़े करने वालों को सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब मिल गया है। विपक्षी जब हमारी निंदा कर रहे थे तब यह नहीं कहा कि राजनीतिकरण हो रहा है। अब जब करके दिखा दिया तो कहा जा रहा है कि बोलिए मत चुप रहिए, ऐसा कैसे हो सकता है। भारत पाकिस्तान से युद्ध के लिए तैयार है, पिछली बार दो टुकड़े किए थे, अबकी चार टुकड़े होंगे।
00
नरसिम्हा राव को मिले ‘भारत रत्न’
डॉ.सुब्रह्मणयम स्वामी का मानना है कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था के लिए जो कदम उठाए, उसका लाभ अब दिख रहा है। ऐसे में वह ‘भारत रत्न’ के हकदार हैं। केंद्र को इस वर्ष या फिर अगले वर्ष उन्हें यह सम्मान देना चाहिए। इस बारे में मैंने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है।