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UP : अदालती कार्यवाही के बीच हस्तक्षेप पर नाराज हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा के क्षेत्रीय सहायक निदेशक को किया तलब

Thu, 09 Apr 2026 02:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 09 Apr 2026 02:15 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालती कार्यवाही के बीच हस्तक्षेप पर नाराजगी जताते हुए क्षेत्रीय सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने गुंजन मणि त्रिपाठी की याचिका पर दिया है।

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over interference in proceedings High Court summons Regional Assistant Director of Basic Education
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालती कार्यवाही के बीच हस्तक्षेप पर नाराजगी जताते हुए क्षेत्रीय सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने गुंजन मणि त्रिपाठी की याचिका पर दिया है।

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याची देवरिया के प्राथमिक विद्यालय में कार्यवाहक प्रधानाचार्य थीं। विपक्षी ने खुद को वरिष्ठ का दावा कर कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाने के लिए आवेदन किया। इस पर बीएसए ने विपक्षी को कार्यवाहक प्रधानाचार्य का कार्यभार संभालने का आदेश पारित कर दिया। इस फैसले को गुंजन मणि त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने कोर्ट को जानकारी दी कि 18 फरवरी 2026 के विवादित आदेश को याचिका में चुनौती दी गई है। वहीं, उक्त आदेश के क्रियान्वयन पर गोरखपुर मंडल के सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने 20 मार्च 2026 को एक आदेश पारित कर रोक लगा दी है। विभाग की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे में बताया गया कि यह रोक हाईकोर्ट में लंबित इस वर्तमान याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। 
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कोर्ट ने कहा-मामला विचाराधीन तो अधिकारी ने अंतरिम आदेश कैसे पारित किया

अदालत ने अधिकारी के इस कदम पर आश्चर्य व्यक्त कर टिप्पणी की कि क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत इतने वरिष्ठ अधिकारी ने खुद को न्यायिक प्राधिकरण की तरह पेश किया है। कोर्ट ने कहा कि जब मामला पहले से ही हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन था, तब अधिकारी ने किस अधिकार से उस पर अंतरिम आदेश पारित कर दिया। पीठ ने इसे न्याय प्रशासन में बाधा और अधिकारियों की लापरवाह कार्यप्रणाली करार दिया। हाईकोर्ट ने सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), सप्तम मंडल, गोरखपुर को स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया है। उन्हें यह बताना होगा कि मामला विचाराधीन होने के बावजूद उन्होंने किस अधिकार के तहत 18 फरवरी के आदेश पर सशर्त रोक लगाई। 27 अप्रैल को मामले की सुनवाई होगी।

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