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Prayagraj News: पटाखों के जुनून में उड़ीं एक दर्जन से अधिक किशाेरों के हाथों की अंगुलियां
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दिवाली पर खतरनाक पटाखे जलाने की चाहत कई लोगों पर भारी पड़ गई। इससे एक दर्जन से अधिक किशोरों के हाथों की अंगुलियां उड़ गईं जिसके बाद आननफानन इन्हें स्वरूप रानी अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। वहीं 48 घंटे के भीतर
आतिशबाजी के दौरान घायल हुए
55 लोग एसआरएन अस्पताल पहुंचे। इनमें से 16 लोगों को बर्न वार्ड में भर्ती करना पड़ा। घायलों में 98 फीसदी सात से 17 वर्ष तक के किशोर हैं। चिकित्सकों का कहना है कि पटाखे जलाते समय हाथों की अंगुलियां उड़ने के साथ लोगों का चेहरा, पैर व छाती झुलसने के मामले भी सामने आए हैं। हालांकि सभी घायल खतरे से बाहर हैं।
पटाखे के बारूद से 25 लोगाें की आंखें हुईं जख्मी
पटाखों के बारूद से करीब 25 लोगों की आंखें जख्मी हुई हैं। इनमें चार लोग ऐसे हैं जिनकी आंखों की पुतली सफेद हो गई है और इन्हें 90 फीसदी तक दिखना बंद हो गया है। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि ऑपरेशन के बाद ही पता चल सकेगा कि पीड़ितों की आंखों की रोशनी कितनी फीसदी तक वापस आ सकती है।
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आतिशबाजी के दौरान कई लोग घायल हुए हैं। 16 लोगों को भर्ती किया गया है, उनका उपचार चल रहा है। पटाखे जलाते समय घायल होने वालों में 98 फीसदी किशोर हैं।
- डॉ. मोहित जैन, अध्यक्ष, बर्न विभाग, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज
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आतिशबाजी के दौरान घायल हुए
55 लोग एसआरएन अस्पताल पहुंचे। इनमें से 16 लोगों को बर्न वार्ड में भर्ती करना पड़ा। घायलों में 98 फीसदी सात से 17 वर्ष तक के किशोर हैं। चिकित्सकों का कहना है कि पटाखे जलाते समय हाथों की अंगुलियां उड़ने के साथ लोगों का चेहरा, पैर व छाती झुलसने के मामले भी सामने आए हैं। हालांकि सभी घायल खतरे से बाहर हैं।
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पटाखे के बारूद से 25 लोगाें की आंखें हुईं जख्मी
पटाखों के बारूद से करीब 25 लोगों की आंखें जख्मी हुई हैं। इनमें चार लोग ऐसे हैं जिनकी आंखों की पुतली सफेद हो गई है और इन्हें 90 फीसदी तक दिखना बंद हो गया है। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि ऑपरेशन के बाद ही पता चल सकेगा कि पीड़ितों की आंखों की रोशनी कितनी फीसदी तक वापस आ सकती है।
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आतिशबाजी के दौरान कई लोग घायल हुए हैं। 16 लोगों को भर्ती किया गया है, उनका उपचार चल रहा है। पटाखे जलाते समय घायल होने वालों में 98 फीसदी किशोर हैं।
- डॉ. मोहित जैन, अध्यक्ष, बर्न विभाग, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज