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Diarrhea In Prayagraj : घूरपुर के पालपुर बगिया गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप, 120 से ज्यादा बीमार, दो की मौत

Sat, 29 Jun 2024 08:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 29 Jun 2024 08:04 PM IST
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Outbreak of vomiting and diarrhea in Palpur Bagiya village of Ghurpur, more than 100 sick, two dead
डायरिया से पीड़ित मरीज। - फोटो : अमर उजाला।
                                
                
                
                 
                    
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका के अंतर्गत पालपुर बगिया गांव में पिछले तीन दिन से फैली बीमारी की चपेट में आकर दो बच्चियों की मौत हो गई करीब सवा सौ लोग बीमार हैं।कई दिनों तक शिकायत के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। जरूरी दवाएं और ओआरएस का वितरण करने के साथ ही गांव में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया। गांव में झोलाछाप घर-घर पीड़ितों को ग्लूकोज चढ़ा रहे हैं। पालपुर बगिया गांव मुस्लिम बहुल बस्ती है। यहां तरफ गंदगी पसरी है। हल्की बारिश के बाद कहीं कीचड़ तो कहीं दुर्गंध के बीच लोग रह रहे हैं। तीन दिन पूर्व से गांव के लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत शुरू हुई, फिर पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती ही गई। शुरुआती दिनों में लोगों ने आसपास के डॉक्टरों को दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
बुधवार की देर रात बीमारी से पीड़ित यूसुफ की डेढ़ साल की बेटी इसरा की मौत हो गई। उसके अगले दिन फिर नफीस अहमद की बेटी सुमैया 17 वर्ष भी चल बसी। वह पहले से बीमार थी, लेकिन उल्टी-दस्त के साथ बुखार उसकी जान पर भारी पड़ गया। गांव वालों ने बताया कि कुछ दिन पहले सुमैया की मां चल बसी थीं, तब से वह गुमसुम रहने लगी थी। गांव में हर घर में उल्टी दस्त और बुखार के मरीज बढ़ने लगे तो लोग परेशान हो गए। यहां के क्षेत्र पंचायत सदस्य रिजवान अहमद ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) प्रयागराज को सूचित किया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई।
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बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका के डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची। कुछ पीड़ितों को दवा की गोलियां दीं और कुछ को ओआरएस का पैकेट बांटकर लौट आई। गांव के लोगों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ बल्कि बीमारों की संख्या लगातार बढ़ती गई। तब लोगों ने अपने-अपने सामर्थ्य के अनुसार क्षेत्र की निजी नर्सिंग होम और अन्य अस्पतालों में बीमारों को भर्ती कराया। उल्टी-दस्त और बुखार पीड़ित अरमान 12, आमीन 9, सलोनी 12, दिलरुबा 18, नफीस अहमद 32 समेत 12 लोग मामा भांजा तालाब स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।

तरन्नुम बानो 16, रोशनी 17, नुजहत 28 समेत कई मरीज बारा क्षेत्र के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा क्षेत्र के अलग-अलग अस्पतालों में लोग अपनों का इलाज करा रहे हैं। शमीम की छह साल की पुत्री महक बानो, दस वर्ष की फिजा बानो और एक वर्ष के पुत्र फिज्म को झोलाछाप घर पर ही ग्लूकोज चढ़ा रहे हैं। लगभग यही स्थिति अतीक अहमद के घर की भी है। उनकी मां हजरतउल निशा 80,दो बेटे मोहम्मद वैस 7 और मोहम्मद जैद 9 के साथ अतीक अहमद को भी घर पर ही ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है।

वास्तविकता दरकिनार, दो प्रभारियों के अलग-अलग बयान

सीएमओ के निर्देश पर गांव पहुंची मेडिकल टीम के डाॅक्टरों ने देखा कि अधिकतर लोग उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित हैं। ओआरएस के साथ इसकी दवाएं भी दीं। सीएचसी चाका से आए डॉक्टरों ने भी डायरिया का इलाज किया, लेकिन गंभीर मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र नहीं ले गए। डॉक्टरों ने कहा, बीमारी की वजह बदला मौसम और गंदगी हो सकती है। बाद में प्रभारी चाका सीएचसी ने संक्रमण को खारिज कर कहा, सभी बरात में खाना खाकर बीमार हुए, इस बारे में किसी पीड़ित ने कुछ नहीं कहा। डॉक्टरों के विरोधाभासी बयान लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। जबकि गांव में लोगों को त्वरित प्रभावी उपचार के साथ सफाई कराने और कीटनाशक छिड़काव की जरूरत है।

पालपुर बगिया गांव में संक्रामक बीमारी नहीं फैली है। गांव के लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। जिला मुख्यालय से भी डाक्टरों की टीम भेजी गई है। जल्दी की बीमारी पर नियंत्रण पा लिया जाएगा। - डाॅ. हेमंत सिंह, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चाका, प्रयागराज

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पालपुर बगिया में बढ़ गए 20 और मरीज, नहीं पहुंची एंबुलेंस

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका के अंतर्गत पालपुर बगिया गांव में शनिवार को उल्टी, दस्त और बुखार के और मरीज बढ़ गए हैं। बीमारी की चपेट में 20 लोग और आ गए हैं। इसके साथ ही मरीजों की संख्या 120 हो गई है। जबकि दो लोगों की मौत हो चुकी है। इधर, अस्पतालों में भर्ती लोगाें में सात स्वस्थ होकर घर आ गए।  गांव में बीमारी फैलने की जानकारी के बाद स्वास्थ्य टीम तो पहुंची, लेकिन सरकारी एंबुलेंस नहीं आई। इसका नतीजा यह रहा कि बाइक और ऑटो रिक्शा पर ले जाकर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शनिवार को बब्बू की बेटी नाजिया (14), चांद अहमद का बेटा शहाबुद्दीन (10), गुलाम का बेटा अरमान (12), मुन्ने खां का बेटा सेबू (14), गौसी का बेटा कैफ (18) समेत 17 मरीजों को परिजनों ने अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। इसके अलावा कई लोग गांव में ही इलाज करा रहे हैं। शुक्रवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को आश्वासन दिया था कि शनिवार को एंबुलेंस भेजकर गंभीर पीड़ित मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराएंगे, लेकिन गांव के लोग इंतजार करते रहे। मजबूरन लोगों को मोटरसाइकिल और ऑटो रिक्शा में लादकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा।

गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम, बांटी दवाएं और ओआरएस के पैकेट

शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चाका के डॉक्टरों की टीम पालपुर बगिया पहुंची। डॉक्टरों ने गांव के लोगों को साफ सफाई से रहने, पौष्टिक और ताजा खाना खाने शुद्ध पानी पीने की सलाह दी। प्रभावित लोगों को दवाएं और ओआरएस के पैकेट भी दिए गए। डॉक्टरों ने गांव में ही इलाज करा रहे मरीजों से मिलकर उनका हाल जाना। दूसरी तरफ सफाई कर्मचारियों की टोली भी गांव पहुंची। गांव में सफाई अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने चूना और एंटी लार्वा का छिड़काव किया।

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