यूपी : समाज कल्याण विभाग की अन्य योजनाएं भी जांच के दायरे में, शादी अनुदान योजना की पहले से चल रही है जांच
समाज कल्याण विभाग में हुए घोटाले की जांच का दायरा बढ़ता दिख रहा है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ समेत विभाग की अन्य योजनाओं की भी जांच कराने की तैयारी है। शासन की ओर से इस बाबत पूरी जानकारी मांगी गई है।
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समाज कल्याण विभाग में हुए घोटाले की जांच का दायरा बढ़ता दिख रहा है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ समेत विभाग की अन्य योजनाओं की भी जांच कराने की तैयारी है। शासन की ओर से इस बाबत पूरी जानकारी मांगी गई है।
विभाग की ओर से संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में बड़े स्तर पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितता की बात सामने आई है। इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच एसआईटी को सौंपी गई है। इसके अलावा शादी अनुदान योजना में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई है। उप निदेशक की जांच में पाया गया है कि कई लाभार्थियों को दो-दो बार लाभ पहुंचाया गया है। इसके लिए दो तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत छह अफसरों एवं कर्मचारियों को दोषी पाया गया है।
शासन की ओर से अब इसकी उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया गया है। अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध निदेशक राधेश्याम को जांच सौंपी गई है। इसके तहत पिछले पांच वर्षों में योजना का लाभ पाने वाले सभी लोगों के दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी। इस बाबत सभी लाभार्थियों के फार्म खंगाले जा रहे हैं।
चूंकि शादी अनुदान तथा आश्रम पद्धति विद्यालय दोनों ही मामले में 2017 से 2021 के बीच अनियमितता की बात सामने आई है। ऐसे में इस दौरान अन्य योजनाओं का लाभ पाने वालों के दस्तावेजों की भी जांच कराने की बात कही जा रही है। इसमें राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना प्रमुख है। इसके अलावा अन्य योजनाओं की भी जांच कराने की बात कही जा रही है। इस बाबत जानकारी मांगी गई है। हालांकि, जिला समाज कल्याण अधिकारी त्रिनेत्र सिंह तथा अन्य अफसर कुछ भी बोलने से मना कर रहे हैं।
शादी अनुदान घोटाले के आरोपी सुधीर कुमार होंगे नए उप निदेशक समाज कल्याण
सुधीर कुमार प्रयागराज मंडल में समाज कल्याण विभाग के नए उप निदेशक होंगे। अभी विंध्याचल मंडल में इसी पद पर तैनात सुधीर मंजूश्री श्रीवास्तव की जगह लेंगे। मंजूश्री को वाराणसी मंडल में इसी पद पर भेजा गया है। गौर करने वाली बात यह है कि सुधीर कुमार 2017 में यहां जिला समाज कल्याण अधिकारी रह चुके हैं तथा शादी अनुदान घोटाले को लेकर उप निदेशक की जांच में इन्हें भी दोषी पाया गया है। जांच रिपोर्ट अभी एक सप्ताह पहले ही आई और अब अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध निदेशक को इसकी उच्च स्तरीय जांच सौंपी गई है। इसके बावजूद सुधीर कुमार की यहां तैनाती से कई सवाल खड़े हो गए हैं।