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अध्यापकों को कार्यभार देने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 29 Apr 2016 01:44 AM IST
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कोर्ट
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उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29334 गणित-विज्ञान सहायक अध्यापक के लिए चयनित ऐसे अभ्यर्थी जो पूर्व में प्राथमिक विद्यालयों की 72825 सहायक अध्यापक भर्ती में भी चयन पा चुके हैं के लिए अच्छी खबर है। हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद को आदेश दिया है कि ऐसे सहायक अध्यापकों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कराने के संबंध में तीन माह में निर्णय ले लिया जाए। हालांकि कोर्ट ने कहा कि एक बार उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के बाद यह अभ्यर्थी वापस प्राथमिक विद्यालयों के लिए दावा नहीं कर सकेंगे। बेसिक शिक्षा परिषद ने ऐसे अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण कराने से इंकार कर दिया था। राजेंद्र कुमार प्रजापति सहित 20 लोगों ने इस मामले में याचिका दाखिल की। याचिका पर जस्टिस बी अमित स्थालेकर ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि 72825 सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित हो चुके तमाम लोगों ने 29334 गणित-विज्ञान के सहायक अध्यापक के लिए भी आवेदन किया था। इनमें कई चयनित भी हो गए। मगर इससे पूर्व यह लोग प्राथमिक स्कूलों में कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। चूंकि गणित-विज्ञान के सहायक अध्यापकों की भर्ती बेसिक शिक्षा परिषद अध्यापक नियमावली के 15वें संशोधन के तहत की गई है और यह संशोधन हाईकोर्ट द्वारा रद्द किया जा चुका है।
मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति के बाद उच्च प्राथमिक स्कूलों में ज्वाइन नहीं किया था। बाद में जब उन्होंने ज्वाइन करना चाहा तो परिषद ने मना कर दिया। इसके खिलाफ अभ्यर्थी हाईकोर्ट आए थे। कोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को आदेश दिया है कि संबंधित जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से बात करके यदि पद रिक्त हों तो तीन माह के भीतर याचीगण को कार्यभार ग्रहण कराया जाए। साथ ही यह भी कहा है कि एक बार उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के बाद अभ्यर्थी वापस प्राथमिक विद्यालय के लिए दावा नहीं कर सकेंगे।
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याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि 72825 सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित हो चुके तमाम लोगों ने 29334 गणित-विज्ञान के सहायक अध्यापक के लिए भी आवेदन किया था। इनमें कई चयनित भी हो गए। मगर इससे पूर्व यह लोग प्राथमिक स्कूलों में कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। चूंकि गणित-विज्ञान के सहायक अध्यापकों की भर्ती बेसिक शिक्षा परिषद अध्यापक नियमावली के 15वें संशोधन के तहत की गई है और यह संशोधन हाईकोर्ट द्वारा रद्द किया जा चुका है।
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मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति के बाद उच्च प्राथमिक स्कूलों में ज्वाइन नहीं किया था। बाद में जब उन्होंने ज्वाइन करना चाहा तो परिषद ने मना कर दिया। इसके खिलाफ अभ्यर्थी हाईकोर्ट आए थे। कोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को आदेश दिया है कि संबंधित जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से बात करके यदि पद रिक्त हों तो तीन माह के भीतर याचीगण को कार्यभार ग्रहण कराया जाए। साथ ही यह भी कहा है कि एक बार उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के बाद अभ्यर्थी वापस प्राथमिक विद्यालय के लिए दावा नहीं कर सकेंगे।
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