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High Court: चयन प्रक्रिया से बाहर हुए अभ्यर्थी पर दोबारा विचार करने का आदेश, आपराधिक मामला है लंबित
Wed, 21 May 2025 12:36 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 21 May 2025 12:36 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, एसएसएफ और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जीडी) पद की चयन प्रक्रिया से बाहर किए गए अभ्यर्थी की नियुक्ति पर दोबारा विचार करने का आदेश दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, एसएसएफ और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जीडी) पद की चयन प्रक्रिया से बाहर किए गए अभ्यर्थी की नियुक्ति पर दोबारा विचार करने का आदेश दिया है। इससे पहले आपराधिक मामला लंबित होने के आधार पर बरेली के याची को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार की अदालत ने याची नवनीत सिंह की याचिका पर दिया। कोर्ट ने कहा कि भले ही नियुक्ति का अधिकार विभाग के पास हो, लेकिन यह फैसला न्याय और परिस्थिति के अनुसार ही होना चाहिए। अधिवक्ता ने दलील दी कि चयन के बाद जब दस्तावेज की जांच हुई, तब याची ने लंबित आपराधिक केस की जानकारी दी थी। आवेदन फॉर्म में इस बारे में जानकारी देने का कोई कॉलम ही नहीं था, इसलिए जानकारी छिपाने का सवाल ही नहीं उठता।
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कोर्ट ने माना कि याची के खिलाफ केस गांव की आपसी रंजिश का नतीजा है। न तो चार्जशीट दाखिल हुई है और न ही अदालत में आरोप तय हुए हैं। ऐसे में उसे सिर्फ केस के आधार पर नौकरी से बाहर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने याची को तीन हफ्ते में संबंधित अधिकारी के पास दोबारा प्रार्थनापत्र देने और अधिकारी को दो महीने में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार फैसला लेने को कहा है।
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