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High Court : पासपोर्ट के नवीनीकरण की अनुमति न देने का आदेश रद्द, कोर्ट ने पुनर्विचार के लिए वापस भेजा

Thu, 28 Aug 2025 04:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 28 Aug 2025 04:09 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक कार्यवाही लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट के नवीनीकरण की अनुमति देने से इन्कार को गलत मानते हुए जालौन के सीजेएम कोर्ट के 20 मई 2025 के आदेश को रद्द कर दिया।

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Order not allowing renewal of passport cancelled, court sends it back for reconsideration
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक कार्यवाही लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट के नवीनीकरण की अनुमति देने से इन्कार को गलत मानते हुए जालौन के सीजेएम कोर्ट के 20 मई 2025 के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की पीठ ने आशीष दीक्षित की अर्जी पर दिया है।

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जालौन निवासी आशीष दीक्षित के पासपोर्ट की वैधता 31 मार्च 2025 को समाप्त हो गई थी। उन्होंने नवीनीकरण के लिए सीजेएम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले के आधार पर उनके आवेदन को खारिज कर किया। इस आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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वकील ने दलील दी कि आवेदक को लंबित आपराधिक मामले में छह नवंबर 2024 को ही जमानत मिल चुकी है और वह नियमित रूप से सुनवाई में भाग ले रहा है। आपराधिक कार्यवाही लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट नवीनीकरण का आवेदन खारिज करना केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप नहीं है। कोर्ट ने आवेदक के वकील की दलीलों को सही पाया और सीजेएम कोर्ट जालौन के आदेश को रद्द कर दिया। 

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जबरन धर्म परिवर्तन मामले में आरोपी महिला की जमानत अर्जी खारिज

जिला न्यायालय ने अपहरण दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन मामले में थाना कौंधियारा, उमरी तालुका मिश्रा बांध निवासी आरोपी महिला सलीमुननिशां की जमानत अर्जी खारिज कर दिया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम विनोद कुमार चौरसिया ने विशेष लोक अभियोजक विनय त्रिपाठी को सुनकर दिया।

अभियोजन के अनुसार कौंधियारा थाने पर पीड़िता की मां ने एफआईआर दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी को मिश्रा बांध निवासी तालीम अंसारी 26 जून 2024 को बहला फुसला कर भगा ले गया। सलीमुननिशां पर बेटी को बहलाने -फुसलाने व धर्म परिवर्तन कराने के लिए दबाव बनाने व अन्य आरोप लगाया। विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी युवक सह आरोपी महिला के साथ मिलकर पीड़िता को भगा ले गया। जबरन संबंध बनाए, उसका धर्म परिवर्तन करने का प्रयास किए।

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