फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   opposition to rename allahabad university intensifies

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नाम बदलने का विरोध तेज

Sat, 21 Mar 2020 10:36 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2020 10:36 PM IST
विज्ञापन
opposition to rename allahabad university intensifies
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) का नाम बदलकर प्रयागराज विश्वविद्यालय किए जाने का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को इविवि के छात्रसंघ भवन पर हुई छात्र नेताओं की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई।
विज्ञापन

इसमें सभी प्रस्ताव की निंदा की और निर्णय लिया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों के नाम पर खुला पत्र जारी किया जाए कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को कार्य परिषद की बैठक में पूर्ण बहुमत से अस्वीकार कर दिया जाए। बैठक में छात्र नेता अजय सम्राट ने आरोप लगाया कि कार्यवाहक कुलपति संघ के दबाव में ऐतिहासिक धरोहर को तार-तार करने पर तुले हैं। पूरा छात्र समुदाय इसकी निंदा करता है। इस मौके पर अविनाश विद्यार्थी, चौधरी संदीप यादव, गोल पासवान, रोहित, श्रवण कुमार यादव, हरिकेश कुमार, आशीष प्रताप, आनंद पटेल, आदित्य कुमार, विशाल चौधरी, सचिन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

कुलपति ने की जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की अपील
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेवश्वर नाथ सिंह ने कोरोना जनित वैश्विक महामारी से बचाव के लिए 22 मार्च को प्रस्तावित जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की अपील की है। कुलपति ने विश्वविद्यालय के सभी निदेशकों, अधिकारियों, प्रभारियों, प्राध्यापकों, परामर्शदाताओं एवं कर्मचारियों से अपील की है कि वे 22 मार्च को सुबह नौ से रात नौ बजे तक अपने घरों में ही रहा। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों से यह अपील भी की है कि मुख्यालय से बाहर न जाएं और अपने घरों में ही रहकर डिजिटल माध्यम से कार्य करें। आवश्यकता पड़ने पर कभी भी उन्हें विश्वविद्यालय बुलाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना की जांच के लिए पर्याप्त सेंटर बनाने की मांग
दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा ने कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए शहर में पर्याप्त संख्या में सेंटर बनाए जाने की मांग की है। शनिवार को हुई दोनों संगठनों की बैठक में कहा गया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार ने गंभीर कदम नहीं उठाए हैं। दुनिया में कोरोना वायरस की शुरुआत होने के साथ ही बचाव के उपाय शुरू कर दिए गए लेकिन भारत में लोगों को थाली और ताली बजाने की सलाह दी जा रही है। मांग की गई कि आम लोगों के बीच मास्क एवं सेनेटाइजर का वितरण किया जाए। एनपीआर की प्रक्रिया को रद्द करके एनपीआर और डिटेंशन सेंटर के लिए जारी किए गए बजट को कोरोना वायरस से लड़ने में इस्तेमाल किया जाए। बैठक में धर्मराज, शिवा, नीशु, विवेक, महाप्रसाद, अमित, प्रसेन, अविनाश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed