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महज 53 दवाओं तक सिमटा जन औषधि केंद्र

Wed, 03 Jul 2019 10:42 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2019 10:42 PM IST
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Only 53 medicines are available in Jan Aushadhi Kendra.
Jan Aushadhi Kendra - फोटो : AU
महज 65 दवाओं तक सिमटा जनऔषधि केंद्र
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मरीजों को कम कीमत पर दवाइयां मुहैया कराने के लिए साल भर पहले खोले गए जन औषधि केंद्र में दवाइयों की संख्या अब तक नहीं बढ़ सकी। औषधि केंद्र की शुरुआत में इसमें केवल 65 दवाएं उपलब्ध थीं, साल भर बीतने के बाद भी उतनी ही दवाएं ही यहां मिल रहीं हैं। इनमें भी जटिल रोग में काम आने वाली दवाएं नदारद हैं। दवाइयों की संख्या न बढ़ने से जेनरिक दवाएं जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहीं।
केंद्र सरकार ने बाजार मूल्य से बेहद सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जनऔषधि केंद्र शुरू किए थे। लेकिन साल भर बाद भी इन केंद्रों तक जरूरी दवाएं नहीं पहुंचाई गईं। पिछले वर्ष जुलाई में एसआरएन अस्पताल में एकमात्र जन औषधि केंद्र शुरू हुआ था, उस समय सिर्फ 52 दवाएं उपलब्ध थीं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने अगले चरण में दवाओं की संख्या बढ़ाने की बात कही, लेकिन अब करीब साल भर बीतने के बाद भी दवाओं की संख्या में कोई खास इजाफा नहीं हुआ। केंद्र संचालक के मुताबिक उनके पास अभी भी 65 दवाएं ही मौजूद हैं। उनका कहना है कि लखनऊ केंद्र से दवाएं भेजी जाती हैं, लेकिन वहीं कमी होने की वजह से आर्डर पूरा नहीं हो पाता। दवाओं के लिए भी कई महीने का इंतजार कराया जाता है। सिर्फ गिनी-चुनी दवाओं के भरोसे ही केंद्र चल रहा है। हालांकि, यहां दवाइयों की संख्या में इजाफा क्यों नहीं हो रहा, इसका जवाब देने को कोई अधिकारी राजी नहीं है। सीएमओ डा. गिरिजा शंकर बाजपेयी ने जन औषधि केंद्रों से अपना पल्ला ही झाड़ लिया। उनका कहना है कि उनके जिम्मे सिर्फ इन केंद्रों को शुरू कराना था, लेकिन आगे की जिम्मेदारी उनकी नहीं है।
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मिलनी चाहिए 19 श्रेणियों की करीब पांच सौ दवाएं
प्रयागराज। इन औषधि केंद्र के जरिए विभिन्न रोगों की 19 श्रेणियों की 500 दवाइयां मुहैया कराई जानी थीं, लेकिन एसआरएन स्थित केंद्र में महज 52-65 दवाइयां ही उपलब्ध हैं। सरकारी सूची में कई अहम दवाओं को शामिल किया गया है, जिसकी बाजार में काफी कम कीमत है लेकिन यह दवाएं एक साल बाद भी इस केंद्र तक नहीं पहुंची हैं।
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रोग दवा सामान्य कीमत जनऔषधि केंद्र में कीमत उपलब्धता
हृदय रोग मेरोपेनम 1400-2700 रुपये 214 रुपये नहीं
चोट स्प्रे 100 रुपये 37 रुपये हां
--- कैल्शियम 70-80 रुपये प्रति पत्ता 12 रुपये हां
शुगर गिलिमेप्राइड 90 रुपये 6.73 रुपये नहीं
गैस्ट्रो एंटासीड 148 रुपये 47 रुपये नहीं
ब्लड कैंसर 1,14,400 माह भर 11,400 रुपये नहीं
अभी इस केंद्र में एलर्जी, कैंसर, ईनएनटी, त्वचा रोग, गैस्ट्रो समेत कई जटिल रोगों की दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं।
क्या होती हैं जेनरिक दवाइयां
किसी एक बीमारी के इलाज के लिए तमाम प्रयोग के बाद एक रसायन तैयार होता है, जिसे आसानी से उपलब्ध कराने के लिए उसे दवा की शक्ल दे दी जाती है। इस साल्ट को तमाम दवा कंपनियां अलग-अलग नाम से बेचती हैं। कोई इसे महंगे दामों में बेचती है तो कोई सस्ते में , लेकिन इस साल्ट का जेनेरिक नाम साल्ट के कंपोजिशन और बीमारी को ध्यान में रखते हुए एक विशेष समिति द्वारा निर्धारित किया जाता है। किसी साल्ट का जेनेरिक नाम पूरी दुनिया में एक ही रहता है। इनमें हार्ट, न्यूरोलॉजी, डायबिटीज, किडनी, यूरिन, बर्न जैसी बीमारियों में यह उपयोगी हो सकती हैं।
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