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Prayagraj News: एक परिसर और दो प्राइमरी स्कूल, एक कमरे में तीन कक्षाएं
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गंगापार के नई झूंसी इलाके में पिछले डेढ़ दशक से एक ही परिसर में दो प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। एक कमरे में तीन अलग-अलग कक्षाओं के बच्चे को, तो दूसरे कमरे में दो अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। हालत यह है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे इतने भ्रमित हैं कि वे शिक्षकों के सामने यह भी नहीं बोल पा रहे हैं कि उन्हें कुछ भी समझ में ही नहीं आ रहा है।
गंगापार के नगर निगम के सीमा विस्तारित वार्ड झूंसी आजाद नगर में पिछले 14 साल से एक परिसर में दो स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। यहां के बरगदहिया प्राइमरी स्कूल के परिसर में 2011 में दो किलोमीटर दूर गोला बाजार के प्राइमरी स्कूल को शिफ्ट किया गया था। जमीन विवाद के कारण स्कूल को खाली करना पड़ा था। अब छह कमरों में दो स्कूल संचालित हो रहे हैं। बरगदहिया प्राइमरी स्कूल के परिसर में गोला बाजार का प्राइमरी स्कूल उधार के दो कमरों में संचालित हो रहा है।
गोला बाजार का प्राइमरी स्कूल की सहायक अध्यापिका तफसील फात्मा ने बताया कि 101 बच्चों की संख्या वाले स्कूल के एक कमरे में कक्षा एक व दो और दूसरे कमरे में कक्षा तीन, चार और पांच के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इस स्कूल के बच्चों को कुर्सी और बेंच तक नसीब नहीं है। सभी बच्चे टाट पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। कई बच्चे तो ऐसे भी थे जिन्हें टाट भी नसीब नहीं थी। स्कूल के शिक्षक एक तरफ गिनती रटवा रहे थे तो दूसरी तरफ क ख और ग लिखवाया जा रहा था।
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बरगदहिया प्राइमरी स्कूल की प्रधानाध्यापिका डॉ.अर्चना सिंह बताती हैं, एक कमरे में एक व दो, दूसरे में चार व पांच, तीसरे में कक्षा तीन और चार के बच्चे बैठाए जा रहे हैं। यहां बच्चों की कुल संख्या 104 है। एक परिसर में दो स्कूल संचालित होने से पढ़ाई कम और शोर भी खूब होता है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि गोला बाजार स्कूल को नया भवन बनाकर शिफ्ट करने के लिए कई बार पत्राचार किया गया लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है।
एक किचन के दो हिस्से कर पकाया जा रहा है मिड डे मील
एक ही परिसर में दो स्कूल संचालित होने से चौतरफा अव्यवस्था फैली हुई है। मिड डे मील को बनाने के लिए किचन एक ही है। प्रधानाध्यापिका डॉ.अर्चना सिंह ने बताया कि बीच से आधी दीवार खड़ीकर किचन को दो हिस्सों में बांट दिया गया। बरगदहिया स्कूल का मिड डे मिल गैस सिलिंडर और चूल्हे पर तैयार होता है जबकि गोला बाजार स्कूल के किचन वाले हिस्से में कच्चे चूल्हे पर ओपले डालकर खाना पकाया जा रहा है।
इनसेट बारिश में टपक रहा कमरा
परिसर के गोला बाजार वाले स्कूल का एक कमरा चार दिन पहले बारिश में टपक रहा था। अध्यापिकाओं ने बाल्टी लगाकर पानी को फैलने से रोका। इस दौरान पहुंचे अभिभावक भड़क गए। आक्रोशित अभिभावकों ने मामले की शिकायत विभाग के आला अफसरों से भी की थी।
101 और 104 को पढ़ाने के लिए तैनात किए गए हैं दस शिक्षक
बरगदहिया और गोला बाजार स्कूल के कुल 205 बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रधानाध्यापिका समेत कुल दस शिक्षक तैनात किए गए हैं। 101 बच्चों को पांच शिक्षक पढ़ा कैसे रहे हैं। इसी प्रकार बरगदहिया स्कूल के 104 बच्चों को पढ़ाने के लिए भी प्रधानाध्यापिका समेत पांच शिक्षक तैनात हैं।
क्या बोले बेसिक शिक्षा अधिकारी
प्रयागराज के बेसिक शिक्षा अधिकारी देवव्रत सिंह का कहना है कि एक ही परिसर में दो स्कूल संचालित होने की जानकारी मिली है। दूसरे स्कूल के भवन निर्माण के लिए जमीन को तलाशने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव आने और जमीन मिलने के बाद प्राइमरी स्कूल के भवन का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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गंगापार के नगर निगम के सीमा विस्तारित वार्ड झूंसी आजाद नगर में पिछले 14 साल से एक परिसर में दो स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। यहां के बरगदहिया प्राइमरी स्कूल के परिसर में 2011 में दो किलोमीटर दूर गोला बाजार के प्राइमरी स्कूल को शिफ्ट किया गया था। जमीन विवाद के कारण स्कूल को खाली करना पड़ा था। अब छह कमरों में दो स्कूल संचालित हो रहे हैं। बरगदहिया प्राइमरी स्कूल के परिसर में गोला बाजार का प्राइमरी स्कूल उधार के दो कमरों में संचालित हो रहा है।
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गोला बाजार का प्राइमरी स्कूल की सहायक अध्यापिका तफसील फात्मा ने बताया कि 101 बच्चों की संख्या वाले स्कूल के एक कमरे में कक्षा एक व दो और दूसरे कमरे में कक्षा तीन, चार और पांच के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इस स्कूल के बच्चों को कुर्सी और बेंच तक नसीब नहीं है। सभी बच्चे टाट पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। कई बच्चे तो ऐसे भी थे जिन्हें टाट भी नसीब नहीं थी। स्कूल के शिक्षक एक तरफ गिनती रटवा रहे थे तो दूसरी तरफ क ख और ग लिखवाया जा रहा था।
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बरगदहिया प्राइमरी स्कूल की प्रधानाध्यापिका डॉ.अर्चना सिंह बताती हैं, एक कमरे में एक व दो, दूसरे में चार व पांच, तीसरे में कक्षा तीन और चार के बच्चे बैठाए जा रहे हैं। यहां बच्चों की कुल संख्या 104 है। एक परिसर में दो स्कूल संचालित होने से पढ़ाई कम और शोर भी खूब होता है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि गोला बाजार स्कूल को नया भवन बनाकर शिफ्ट करने के लिए कई बार पत्राचार किया गया लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है।
एक किचन के दो हिस्से कर पकाया जा रहा है मिड डे मील
एक ही परिसर में दो स्कूल संचालित होने से चौतरफा अव्यवस्था फैली हुई है। मिड डे मील को बनाने के लिए किचन एक ही है। प्रधानाध्यापिका डॉ.अर्चना सिंह ने बताया कि बीच से आधी दीवार खड़ीकर किचन को दो हिस्सों में बांट दिया गया। बरगदहिया स्कूल का मिड डे मिल गैस सिलिंडर और चूल्हे पर तैयार होता है जबकि गोला बाजार स्कूल के किचन वाले हिस्से में कच्चे चूल्हे पर ओपले डालकर खाना पकाया जा रहा है।
इनसेट बारिश में टपक रहा कमरा
परिसर के गोला बाजार वाले स्कूल का एक कमरा चार दिन पहले बारिश में टपक रहा था। अध्यापिकाओं ने बाल्टी लगाकर पानी को फैलने से रोका। इस दौरान पहुंचे अभिभावक भड़क गए। आक्रोशित अभिभावकों ने मामले की शिकायत विभाग के आला अफसरों से भी की थी।
101 और 104 को पढ़ाने के लिए तैनात किए गए हैं दस शिक्षक
बरगदहिया और गोला बाजार स्कूल के कुल 205 बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रधानाध्यापिका समेत कुल दस शिक्षक तैनात किए गए हैं। 101 बच्चों को पांच शिक्षक पढ़ा कैसे रहे हैं। इसी प्रकार बरगदहिया स्कूल के 104 बच्चों को पढ़ाने के लिए भी प्रधानाध्यापिका समेत पांच शिक्षक तैनात हैं।
क्या बोले बेसिक शिक्षा अधिकारी
प्रयागराज के बेसिक शिक्षा अधिकारी देवव्रत सिंह का कहना है कि एक ही परिसर में दो स्कूल संचालित होने की जानकारी मिली है। दूसरे स्कूल के भवन निर्माण के लिए जमीन को तलाशने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव आने और जमीन मिलने के बाद प्राइमरी स्कूल के भवन का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।