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प्रयागराज : मंडी परिषद में करोड़ों रुपये के गबन में फंसे अफसर निलंबित, गिरफ्तारी की लटकी तलवार

Wed, 20 Sep 2023 02:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 20 Sep 2023 02:12 PM IST
सार

मंडी परिषद के निर्माण खंड के बैंक खाते में ठेकेदारों की जमानत राशि के रूप में जमा किए गए 2.44 करोड़ रुपये निकालने का मामला सामने आने के बाद महकमे में खलबली मची हुई है। उपनिदेशक मंडी परिषद कुलभूषण वर्मा की तहरीर पर नामजद उप निदेशक निर्माण खंड रवेंद्र सिंह, लेखाधिकारी संजीव कुमार गंगवार, वरिष्ठ सहायक मंजीत सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है।

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Officer involved in embezzlement of crores of rupees in Mandi Parishad suspended, arrest pending.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

ठेकेदारों की जमानत राशि के करोड़ों रुपये निकालकर पत्नी-रिश्तेदारों के नाम जमा कराने वाले मंडी परिषद के तीन अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच की संस्तुति की गई है। इस मामले में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी समेत चार को सहायक उप निदेशक मंडी परिषद ने नामजद कराया था।

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मंडी परिषद के निर्माण खंड के बैंक खाते में ठेकेदारों की जमानत राशि के रूप में जमा किए गए 2.44 करोड़ रुपये निकालने का मामला सामने आने के बाद महकमे में खलबली मची हुई है। उपनिदेशक मंडी परिषद कुलभूषण वर्मा की तहरीर पर नामजद उप निदेशक निर्माण खंड रवेंद्र सिंह, लेखाधिकारी संजीव कुमार गंगवार, वरिष्ठ सहायक मंजीत सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है।
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अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। रवेंद्र मौजूदा समय झांसी में तैनात थे, इसलिए पुलिस की एक टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए वहां रवाना की जा सकती है। जांच में पता चला है कि वर्ष 2020-2021 से ही ठेकेदारों की जमानत राशि की हेराफेरी शुरू हो गई थी। तब रवेंद्र सिंह प्रभारी उप निदेशक निर्माण के पद पर तैनात थे। जबकि, मैकूलाल की तैनाती लेखाधिकारी के पद पर थी।
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उप निदेशक मंडी परिषद की तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट में ठेकेदारों की जमानत राशि विभागीय खाते से निकालकर पत्नी और रिश्तेदारों के नाम खोले गए खातों में जमा करा दी गई थी। इतना ही नहीं करीबियों के नाम से फर्में बनाकर सरकारी धन के गबन किया जा रहा था। शासन की जानकारी में मामला आने के बाद उप निदेशक मंडी परिषद से इसकी जांच कराई गई।


उप निदेशक मंडी परिषद कूलभूषण ने बताया कि शासन ने गबन के तीनों आरोपियों को निलंबित कर दिया है। इस मामले की शिकायत किसने की यह रहस्य बना हुआ है। अफसरों का कहना है कि शिकायतकर्ता का पता चलने के बाद उसका भी बयान दर्ज किया जाएगा। उधर, जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर से विभागीय खाते से जमानत राशि की रकम निकाली गई है, उन्होंने अपने दस्तखत को फर्जी बताया है।

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