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चले तो गए, अब वापसी की चिंता
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 21 Jun 2016 01:30 AM IST
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गर्मी की छुट्टियों में इलाहाबाद से बाहर गए तमाम लोगों केसामने वापसी का संकट आ गया है। जून के अंतिम एवं जुलाई के प्रथम सप्ताह में इलाहाबाद से विभिन्न रूटों से आने वाली तमाम ट्रेनें फुल है। अधिकांश ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची हो गई है। बहुत से यात्रियों ने प्रतीक्षा सूची वाले टिकट इस आस में लिए थे कि वह बाद में अपने आप कंफर्म हो जाएंगे लेकिन लोगों का यह अनुमान गलत साबित हुआ। ज्यादातर ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची जस की तस है। ऐसे में लोग परेशान हैं कि वे कैसे लौटें।
गर्मी की छुट्टियां चंद रोज बाद खत्म हो जाएंगी। क्योंकि जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही तमाम स्कूल कालेज खुल जाने हैं। ऐेसे में जो अपनी परिजनों के साथ छुट्टियां मनाने के लिए इलाहाबाद के बाहर गए हुए हैं, उनके सामने संकट आ गया है कि वे वापस कैसे आएं। अधिकांश यात्रियों ने प्लान कर पहले ही ट्रेनों के रिटर्न टिकट बुक करा लिए थे, बावजूद इसके बहुत से लोग ऐसे रहे जिनके पास वापसी का कंफर्म टिकट नहीं है। बात अगर दिल्ली से आने वाली वीआईपी ट्रेन प्रयागराज की करें तो उसके स्लीपर एवं थर्ड एसी में 12 जुलाई तक बिल्कुल भी जगह नहीं है। यही हाल दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस का भी है। दुरंतो एक्सप्रेस में आठ जुलाई तक सभी श्रेणियां फुल हैं। दिल्ली से रीवा जाने वाली रीवा एक्सप्रेस में भी 10 जुलाई तक जगह नहीं है। यही स्थिति मुंबई से इलाहाबाद आने वाली ट्रेनों की भी है। मुंबई दुरंतो में आठ जुलाई, मुंबई मेल में 20 जुलाई, महानगरी एक्सप्रेस में 12 जुलाई तक इलाहाबाद के लिए कंफर्म बर्थ उपलब्ध नहीं है। चेन्नई, जम्मूतवी, चंडीगढ़, पुणे, हैदराबाद, जयपुर, देहरादून, गुवाहाटी से आने वाली ट्रेनें भी इस अवधि में फुल है। यात्री परेशान है कि वे क्या करें। अपने परिजनों के साथ मंसूरी, देहरादून गए राजरूपपुर के विजय उपाध्याय ने बताया कि वापसी के लिए देहरादून से इलाहाबाद का उन्होंने 25 जून का रिजर्वेशन करवा रखा है। लेकिन प्रतीक्षा सूची जस की तस है। नैनी के नरेंद्र प्रकाश भी परिजनों संग छुट्टियां मनाने के लिए श्रीनगर गए हुए है। उनका भी यही कहना है कि मुरी एक्सप्रेस में वापसी की टिकट प्रतीक्षा सूची में है। ऐसे में डर है कि अगर प्रतीक्षा सूची का टिकट कंफर्म नहीं हुआ तो वापसी कैसे होगी।
‘छुट्टियां खत्म होने वाली हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि ट्रेनों में बढ़नी है। यात्री रेलवे की तत्काल सेवा का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न रूटों पर रेलवे की ओर से चलाई गई स्पेशल ट्रेनों का भी उपयोग कर सकते हैं। -अमित मालवीय, पीआरओ, एनसीआर।
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गर्मी की छुट्टियां चंद रोज बाद खत्म हो जाएंगी। क्योंकि जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही तमाम स्कूल कालेज खुल जाने हैं। ऐेसे में जो अपनी परिजनों के साथ छुट्टियां मनाने के लिए इलाहाबाद के बाहर गए हुए हैं, उनके सामने संकट आ गया है कि वे वापस कैसे आएं। अधिकांश यात्रियों ने प्लान कर पहले ही ट्रेनों के रिटर्न टिकट बुक करा लिए थे, बावजूद इसके बहुत से लोग ऐसे रहे जिनके पास वापसी का कंफर्म टिकट नहीं है। बात अगर दिल्ली से आने वाली वीआईपी ट्रेन प्रयागराज की करें तो उसके स्लीपर एवं थर्ड एसी में 12 जुलाई तक बिल्कुल भी जगह नहीं है। यही हाल दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस का भी है। दुरंतो एक्सप्रेस में आठ जुलाई तक सभी श्रेणियां फुल हैं। दिल्ली से रीवा जाने वाली रीवा एक्सप्रेस में भी 10 जुलाई तक जगह नहीं है। यही स्थिति मुंबई से इलाहाबाद आने वाली ट्रेनों की भी है। मुंबई दुरंतो में आठ जुलाई, मुंबई मेल में 20 जुलाई, महानगरी एक्सप्रेस में 12 जुलाई तक इलाहाबाद के लिए कंफर्म बर्थ उपलब्ध नहीं है। चेन्नई, जम्मूतवी, चंडीगढ़, पुणे, हैदराबाद, जयपुर, देहरादून, गुवाहाटी से आने वाली ट्रेनें भी इस अवधि में फुल है। यात्री परेशान है कि वे क्या करें। अपने परिजनों के साथ मंसूरी, देहरादून गए राजरूपपुर के विजय उपाध्याय ने बताया कि वापसी के लिए देहरादून से इलाहाबाद का उन्होंने 25 जून का रिजर्वेशन करवा रखा है। लेकिन प्रतीक्षा सूची जस की तस है। नैनी के नरेंद्र प्रकाश भी परिजनों संग छुट्टियां मनाने के लिए श्रीनगर गए हुए है। उनका भी यही कहना है कि मुरी एक्सप्रेस में वापसी की टिकट प्रतीक्षा सूची में है। ऐसे में डर है कि अगर प्रतीक्षा सूची का टिकट कंफर्म नहीं हुआ तो वापसी कैसे होगी।
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‘छुट्टियां खत्म होने वाली हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि ट्रेनों में बढ़नी है। यात्री रेलवे की तत्काल सेवा का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न रूटों पर रेलवे की ओर से चलाई गई स्पेशल ट्रेनों का भी उपयोग कर सकते हैं। -अमित मालवीय, पीआरओ, एनसीआर।
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