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Wild Life :  अब प्रयागराज में इंडियन स्कीमर पक्षी को संरक्षण देगा वन विभाग, कैंसर सर्जन ने भी बढ़ाया हाथ

Tue, 10 Jan 2023 12:00 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 10 Jan 2023 12:00 AM IST
सार

तेजी से विलुप्त होती पक्षियों की प्रजाति इंडियन स्कीमर को संरक्षित करने के लिए अब वन विभाग ने पहल की है। इसके तहत वन विभाग गंगातट तथा कछारी क्षेत्रों के पास बसे गावों के लोगों को इन पक्षियों के प्रति जागरूक करने में लगा है।

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Now the Forest Department will give protection to the Indian skimmer bird in Prayagraj, cancer surg
Prayagraj News : स्कीमर पक्षी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

तेजी से विलुप्त होती पक्षियों की प्रजाति इंडियन स्कीमर को संरक्षित करने के लिए अब वन विभाग ने पहल की है। इसके तहत वन विभाग गंगातट तथा कछारी क्षेत्रों के पास बसे गावों के लोगों को इन पक्षियों के प्रति जागरूक करने में लगा है। इनके अंडों को गंगा की रेती में संरक्षित करने की तैयारी भी है। इनकी प्रजाति को बचाने के लिए बीएनएचएस तथा बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी जैसी बड़ी संस्थाएं प्रयास कर रही हैं। 

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वन विभाग के मुताबिक जनपद में इंडियन स्कीमर पक्षियों का आना जाना लगा रहता है। ये अधिकतर चंबल की घाटी तथा गुजरात के अतिरिक्त बांग्लादेश में देखे जाते हैं। लेकिन, गंगा की रेती तथा नदियों के होने की वजह सेेे प्रयागराज में भी इनकी संख्या कम नहीं है। इन पक्षियों को झूंसी, रसूलाबाद सहित सभी कछारी इलाकों में देखा जा सकता है। प्रयागराज में इनकी संख्या लगभग 200 है। 
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यहां गर्मियों में इनका आगमन होता है। यह सिलसिला तकरीबन आठ माह तक बना रहता है। वन विभाग की ओर से इन पक्षियों की प्रजाति को बचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाने सहित इनके अंडों को संरक्षित किया जाना है। कई संस्थाओं से भी संपर्क करके वन विभाग इन्हें संरक्षित करने में जुटा है। 

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नदियों में प्रदूषण, बांध का प्रभाव
इन पक्षियों की संख्या लगातार कम होने के पीछे नदियों का प्रदूषित होना और बांध बनाए जाना है। इंडियन स्कीमर रेत में अपने अंडे देते हैं। अपने अंडों को गर्मी से बचाने के लिए ये अपने अंडों पर नदी का पानी भी डालते हैं। मगर बांध बनने से इनके घोंसले टिक नहीं पाते हैं।

इन पक्षियों को बचाने के लिए मैंने बाम्बे नेचुरलढ हिस्ट्री सोसायटी से संपर्क किया है। उनकी ओर से किए गए शोध के आधार पर इन पक्षियों को बचाने की लगातार कोशिश है। 
- डॉ.अर्पित बंसल, लैप्रोस्कोपी व कैंसर सर्जन

वन विभाग की ओर से इंडियन स्कीमर पक्षी को बचाने के लिए कछार के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान निरंतर चलाया जाता है। इसके अलावा अब वाइल्ड लाइफ से जुड़ी बड़ी सोसायटी से संपर्क करके उनके साथ विचार विमर्श किया जा रहा है। - कुंज बिहारी वर्मा, सहायक वन संरक्षक

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