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अब आलमारी में सैनिटाइज होंगे कपड़े, मोबाइल
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Now cloths will be sanitize in Almirah
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने तैयार की ‘सेफ अलमीरा’
आलमारी को बाजार में उतारने की तैयारी, 15 से 20 हजार हो सकती है कीमत
प्रयागराज। अब घर आकर कपड़े वॉशिंग मशीन में डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही मोबाइल, पर्स को किसी कैमिकल से सैनिटाइज करना होगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने ‘सेफ अलमीरा’ तैयार की है, जिसमें कपड़े, मोबाइल, घड़ी, पर्स आदि रखते ही कुछ मिनटों मेें सैनिटाइज हो जाएंगे। बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने इस अत्याधुनिक तकनीक से बनी इस आलमारी का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय यह आलमारी बाजार में उतारने को तैयार है, जिसकी कीमत 15 से 20 हजार रुपये हो सकती है।
इस आलमारी में यूवी लाइट का उपयोग किया गया है। हालांकि यूवी लाइट से सीधे संपर्क में आने से आंखों पर प्रभाव पड़ता है। कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है, लेकिन इस आलामारी को ऐसे डिजाइन किया गया है, यूवी लाइट से सीधे संपर्क में आने की कोई गुंजाइश नहीं। लाइट के रिसाव की संभावना शून्य है। यही वजह है कि इस शोध में किसी आम आलमारी का उपयोग नहीं किया गया, बल्कि विशेष तकनीकी से अलग प्रकार की आलमारी तैयारी की गई। इविवि के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अवध बिहारी यादव ने अपने शोध विद्यार्थी मनीष गौर के साथ मिलकर इस आलमारी का निर्माण किया है, जो कोरोनावायरस और उसके संक्रमण को फैलने से रोकने में सहायक होगी।
डॉ. अवध बिहारी यादव ने बताया कि इस आलमारी को बहुउपयोगी बनाया गया है। कपड़े टांगने के लिए हैंगर भी है। साथ ही अलग से कुछ रैक हैं, जिनमें मोबाइल,ख्पर्स,ख्घड़ी, चश्मा आदि भी रखकर सैनिटाइज किया जा सकता है। उपयोग बहुत ही आसार है। बाहर से आते ही अपने कपड़ों, घड़ी, मोबाइल, पर्स, चश्मे आदि को इसमें रख देना है। आलमारी में 20 मिनट का टाइमर लगा हुआ है। 20 मिनट बाद टाइमर बंद हो जाएगा और इसके बाद आलमारी में रखा हर सामान पूरी तरह से सैनिटाइज हो जाएगा।
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डॉ. अवध बिहारी का कहना है कि अगर कोई अच्छा वेंडर मिलता है तो इस तकनीकी को बाजार में उतारने के लिए तैयार हैं। शर्त यह होगी कि वेंडर को आलमारी में इलाहाबाद विश्वविद्यालय का नाम अंकित करना होगा। बाजार में इस आलमारी की कीमत 15 से 20 हजार रुपये हो सकती है। इसका उपायोग घर के साथ अस्पताल, दफ्तरों में भी किया जा सकता है। ‘सेफ अलमीरा’ के उद्घाटन के मौके पर डीन साइंस शेखर श्रीवास्त्व, डीएसडब्लयू प्रो. पीके सिंह, डीन आट्र्स प्रो. आरके सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला, पीआरे डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।
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आलमारी को बाजार में उतारने की तैयारी, 15 से 20 हजार हो सकती है कीमत
प्रयागराज। अब घर आकर कपड़े वॉशिंग मशीन में डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही मोबाइल, पर्स को किसी कैमिकल से सैनिटाइज करना होगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने ‘सेफ अलमीरा’ तैयार की है, जिसमें कपड़े, मोबाइल, घड़ी, पर्स आदि रखते ही कुछ मिनटों मेें सैनिटाइज हो जाएंगे। बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने इस अत्याधुनिक तकनीक से बनी इस आलमारी का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय यह आलमारी बाजार में उतारने को तैयार है, जिसकी कीमत 15 से 20 हजार रुपये हो सकती है।
इस आलमारी में यूवी लाइट का उपयोग किया गया है। हालांकि यूवी लाइट से सीधे संपर्क में आने से आंखों पर प्रभाव पड़ता है। कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है, लेकिन इस आलामारी को ऐसे डिजाइन किया गया है, यूवी लाइट से सीधे संपर्क में आने की कोई गुंजाइश नहीं। लाइट के रिसाव की संभावना शून्य है। यही वजह है कि इस शोध में किसी आम आलमारी का उपयोग नहीं किया गया, बल्कि विशेष तकनीकी से अलग प्रकार की आलमारी तैयारी की गई। इविवि के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अवध बिहारी यादव ने अपने शोध विद्यार्थी मनीष गौर के साथ मिलकर इस आलमारी का निर्माण किया है, जो कोरोनावायरस और उसके संक्रमण को फैलने से रोकने में सहायक होगी।
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डॉ. अवध बिहारी यादव ने बताया कि इस आलमारी को बहुउपयोगी बनाया गया है। कपड़े टांगने के लिए हैंगर भी है। साथ ही अलग से कुछ रैक हैं, जिनमें मोबाइल,ख्पर्स,ख्घड़ी, चश्मा आदि भी रखकर सैनिटाइज किया जा सकता है। उपयोग बहुत ही आसार है। बाहर से आते ही अपने कपड़ों, घड़ी, मोबाइल, पर्स, चश्मे आदि को इसमें रख देना है। आलमारी में 20 मिनट का टाइमर लगा हुआ है। 20 मिनट बाद टाइमर बंद हो जाएगा और इसके बाद आलमारी में रखा हर सामान पूरी तरह से सैनिटाइज हो जाएगा।
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डॉ. अवध बिहारी का कहना है कि अगर कोई अच्छा वेंडर मिलता है तो इस तकनीकी को बाजार में उतारने के लिए तैयार हैं। शर्त यह होगी कि वेंडर को आलमारी में इलाहाबाद विश्वविद्यालय का नाम अंकित करना होगा। बाजार में इस आलमारी की कीमत 15 से 20 हजार रुपये हो सकती है। इसका उपायोग घर के साथ अस्पताल, दफ्तरों में भी किया जा सकता है। ‘सेफ अलमीरा’ के उद्घाटन के मौके पर डीन साइंस शेखर श्रीवास्त्व, डीएसडब्लयू प्रो. पीके सिंह, डीन आट्र्स प्रो. आरके सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला, पीआरे डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।