Prayagraj : कुख्यात गोतस्कर मुजफ्फर का भाई भी हिस्ट्रीशीटर, पूरामुफ्ती में कार्रवाई
जावेद सरगना मुजफ्फर के सात भाइयों में से सातवें नंबर का है। मुजफ्फर के आईआर-05 गैंग का वह सक्रिय सदस्य है। उसके खिलाफ कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। वह मूलरूप से नवाबगंज के चफरी का रहने वाला है और उसका एक मकान पूरामुफ्ती के बेगम बाजार में भी है।
विस्तार
माफिया अतीक अहमद के करीबी कुख्यात गोतस्कर गिरोह सरगना व कौड़िहार ब्लॉक प्रमुख मुजफ्फर के भाई जावेद अहमद का नाम भी हिस्ट्रीशीटरों की लिस्ट में शामिल हो गया है। पूरामुफ्ती पुलिस ने आपराधिक इतिहास के आधार पर उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है। अब वह लगातार पुलिस की निगरानी में रहेगा और उसकी गतिविधियों पर सतर्क निगाह बनाए रखी जाएगी।
जावेद सरगना मुजफ्फर के सात भाइयों में से सातवें नंबर का है। मुजफ्फर के आईआर-05 गैंग का वह सक्रिय सदस्य है। उसके खिलाफ कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। वह मूलरूप से नवाबगंज के चफरी का रहने वाला है और उसका एक मकान पूरामुफ्ती के बेगम बाजार में भी है।
उस पर गोवध अधिनियम के पांच मुकदमों के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और हत्या के प्रयास व रंगदारी मांगने के आरोप में भी केस दर्ज हैं। दो बार गैंगस्टर भी लग चुका है। कुल नौ में से तीन-तीन मुकदमे सोरांव व कौशाम्बी के कोखराज थाने, दो मुकदमे पूरामुफ्ती व एक मुकदमा करछना थाने में दर्ज है। उस पर पहला मुकदमा 2013 जबकि पिछला मुकदमा 2023 में दर्ज हुआ था।
बी श्रेणी का अभ्यस्त अपराधी, ताउम्र निगरानी
जावेद को पुलिस रिकॉर्ड में बी श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर बनाया गया है। उसका हिस्ट्रीशीट नंबर 20-बी है। इसका मतलब यह है कि उसकी ताउम्र निगरानी होगी। जेल से बाहर आने के बाद भी उसकी गतिविधियों की पुलिस लगातार निगरानी करेगा।
कौन है मुजफ्फर
-अंतर परिक्षेत्रीय(आईआर) गोतस्कर गैंग का सरगना व कौड़िहार ब्लॉक प्रमुख
- सात भाई, दर्जनों मुकदमों के आरोपी
- गैंग में कुल 18 सदस्य
- 15 अक्तूबर 2023 की रात पूरामुफ्ती से सोरांव पुलिस ने किया था गिरफ्तार
- अकेले मुजफ्फर पर ही प्रयागराज समेत विभिन्न जनपदों में 30 मुकदमे हैं दर्ज