रिश्ते का ही नहीं भरोसे का भी कर दिया खून, भतीजे को बेटे जैसा मानती थी महिला
गहने बरामद न हो सकें, इसके लिए उन्होंने गहनों को गोल्ड कंपनी में जमा कर दिया था।
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कटरा में रहने वाली बुजुर्ग विद्यावती देवी की हत्या में रिश्ते का ही नहीं, बल्कि भरोसे का भी कत्ल किया गया। बेटों से अलग मकान में अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला की देखभाल के बहाने भतीजे ने उनका विश्वास जीत लिया। वह उनकी सेवा भी करता था और इसके चलते वह उसे अपने बेटे जैसा मानती थी। लेकिन गहनों की लालच में वह इस कदर अंधा हुआ कि मां जैसा प्यार देने वाली चाची का ही कत्ल कर दिया।
गोल्ड लोन कंपनी में जमा कर दिए थे गहने
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि उन्होंने महिला को गायब करने के साथ ही उसके घर से 25 लाख मूल्य के गहने भी चुरा लिए थे। गहने बरामद न हो सकें, इसके लिए उन्होंने गहनों को गोल्ड कंपनी में जमा कर दिया था। आरोपी भतीजे ने गहनों के एवज में मिली रकम में से कुछ रुपये अपने तीनों साथियों में बांटकर बाकी अपने पास रख लिए थे। पुलिस देर रात तक रकम बरामद करने में जुटी रही।
सूत्रों का कहना है कि मामले को लेकर शुरू में पुलिस का रवैया लापरवाह बना रहा। 18 गुमशुदगी दर्ज करने के बाद भी न ही कर्नलगंज पुलिस और न ही अफसर, किसी ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। दो दिन पहले जब शहर में रहने वाले एक कैबिनेट मंत्री ने इस मामले को लेकर अफसरों से बात की तो पुलिस की नींद टूटी। तब जाकर मामले में गंभीरता से जांच पड़ताल शुरू की गई और फिर हत्या का खुलासा हुआ।