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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Not only Rajeev Nayan is the mastermind of the RO-ARO paper leak case, his close aide has also come forward.

प्रयागराज : राजीव नयन ही तो नहीं आरओ-एआरओ पेपर लीक प्रकरण का मास्टरमाइंड, इसके करीबी का हाथ आ चुका है सामने

Thu, 04 Apr 2024 11:30 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 04 Apr 2024 11:30 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक करने के मुख्य आरोपी राजीव नयन की गिरफ्तारी के बाद अब यूपीपीएससी आरओ-एआरओ पेपर लीक प्रकरण का भी खुलासा हो सकता है। आशंका जाहिर की जा रही है कि राजीवन नयन मिश्र ही आरओ-एआरओ पेपर लीक मामले का मास्टर माइंड है। क्योंकि इसके एक बेहद करीबी का नाम सामने आ चुका है।

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Not only Rajeev Nayan is the mastermind of the RO-ARO paper leak case, his close aide has also come forward.
राजीव नयन मिश्र। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के मास्टरमाइंड मेजा निवासी राजीव नयन मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद आरओ/एआरओ पेपर लीक प्रकरण में भी अहम खुलासे हो सकते हैं। एक सवाल यह भी है कि इस परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण का भी मास्टरमाइंड कहीं वही तो नहीं। दरअसल आरओ/एआरओ प्रकरण में भी लखनऊ के जिस स्कूल मैनेजर को पूर्व में गिरफ्तार किया गया, उसे राजीव नयन के करीबी अजय शर्मा ने पेपर भेजा। साथ ही यह भी बताया कि उसे पेपर राजीव नयन ने ही दिया था।

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15 फरवरी को कौशाम्बी के मंझनपुर में पेपर लीक कराने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए गए। इनसे पूछताछ में अरुण कुमार सिंह निवासी लखनऊ का नाम सामने आया। यह अरुण कुमार सिंह यूपी पुलिस का सिपाही था जिसे 2019 में शिक्षक भर्ती परीक्षा में नकल कराने के मामले में गिरफ्तार करने के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। 14 मार्च को एसटीएफ ने जब उसे बुलाकर पूछताछ की तो उसके कब्जे से आरओ/एआरओ परीक्षा की प्रश्नपत्र बुकलेट बरामद हुई। पूछताछ में और जांच पड़ताल में आए तथ्यों के आधार पर संलिप्तता मानते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

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राजीव ने ही उपलब्ध कराई थी पीडीएफ

एसटीएफ की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई थी कि अरुण ने ही 11 फरवरी को हल प्रश्न पत्र आरओ/एआरओ परीक्षा शुरू होने के पूर्व कई लोगों को भेजा गया था। पूछताछ में उसने बताया था कि उसे उक्त पेपर जीडी मेमोरियल स्कूल, पारा लखनऊ के मैनेजर सौरभ शुक्ला निवासी लखनऊ, मूल पता ग्राम- शिवचरन का पुरवा मजरा नरियांवा थाना महेशगंज तहसील कुंडा जनपद प्रतापगढ़ ने दिया। एसटीएफ ने उसी दिन यानी 14 मार्च को ही सौरभ को बुलाकर पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि उसने ही अरुण को यह पेपर दिया था।

यह भी खुलासा किया कि उसे 11 फरवरी को सुबह सात बजे अजय शर्मा ने व्हाट्सअप से पेपर का पीडीएफ भेजा था। इसमें सामान्य अध्ययन और हिन्दी का प्रश्न पत्र था। सबसे अहम बात यह है कि साैरभ ने बताया था कि उसे जिस अजय शर्मा ने पेपर भेजा, उसने ही यह भी बताया कि उसे यह पेपर राजीव नयन मिश्रा निवासी प्रयागराज ने भेजा था। जानकारों का कहना है कि अब तक कि जांच में साफ है कि राजीव नयन ने ही अजय शर्मा को प्रश्नपत्र की पीडीएफ उपलब्ध कराई। जिसके बाद उसने इसे आगे बढ़ाया। अजय अब तक पकड़ा नहीं जा सका है जबकि राजीव नयन गिरफ्त में है। ऐसे में उससे पूछताछ में बेहद अहम खुलासे हो सकते हैं।

सिविल लाइंस पुलिस भी कर सकती है पूछताछ
 

सूत्रों का यह भी कहना है कि राजीव नयन से सिविल लाइंस पुलिस भी पूछताछ कर सकती है। दरअसल आरओ/एआरओ परीक्षा लीक प्रकरण में उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कराया गया है। इस केस में एसटीएफ की अब तक की जांच के अनुसार राजीव नयन का नाम ही उस आखिरी व्यक्ति के तौर पर आया है, जिसने पेपर लीक कराया। यह संभव है कि आगे और भी कोई नाम आए लेकिन फिलहाल वह ही मुख्य संदिग्ध है। ऐसे में सिविल लाइंस पुलिस भी उससे पूछताछ कर सकती है। हालांकि इस मामले में पुलिस अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका इतना ही कहना है कि विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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