{"_id":"57af7b394f1c1b332dee4912","slug":"not-admitted-to-maternal-child-outdoors","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रसूता को नहीं किया भर्ती, सड़क पर हुआ बच्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रसूता को नहीं किया भर्ती, सड़क पर हुआ बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 14 Aug 2016 02:24 AM IST
विज्ञापन
अस्पताल के बाहर डिलीवरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनी पर शनिवार को धरती के भगवान ने मानवीयता की सारी हदें पार कर दी। प्रसव कराने पहुंची महिला को भर्ती नहीं किया और उसे स्वास्थ्य केंद्र से यह कह कर भगा दिया कि पेट में उसका बच्चा उल्टा है। यहां उपचार नहीं हो सकता है। सीएचसी से बाहर जीटी रोड पर पहुंची महिला ने का प्रसव हो गया। बाद में उसे एंबुलेंस से उसके घर पहुंचाया गया। सीएचसी अधीक्षक ने इसे गंभीर घटना मानी है। सीएमओ ने जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है।
ब्लाक बहादुरपुर हनुमानगंज के पास सुदनीपुर खुर्द गांव की रहने वाली गीता देवी पत्नी पप्पू को प्रसव होना था। वह बनी सीएचसी पर प्रसव के लिए पहुंची तो वहां मौजूद चिकित्सकाें ने पहले तो उसके साथ सही बर्ताव नहीं किया। आरोप है कि उसके लिए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। बहुत कहने सुनने के बाद जब उसे डॉक्टरों ने देखा तो बाद में यह कहकर भगा दिया कि पेट में उसका बच्चा उल्टा है। नार्मल प्रसव नहीं हो सकता। सर्जरी से ही प्रसव होगा।
सीएचसी से भगाई गई महिला जब जीटी रोड पर पहुंची तो उसका प्रसव हो गया। महिला वहीं अचेत हो गई। वह काफी देर तक वही पड़ी रही। सड़क पर जाने वाले दूसरे लोगों ने जब देखा तो 108 नंबर की एंबुलेंस बुलवाई और महिला को उसके घर पहुंचवाया। बनी सीएचसी के अधीक्षक सीएल वर्मा ने पहले तो इस घटना से अनभिज्ञता जताई। बाद में मामले की जांच कराने को कहा। सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा कहते हैं कि वह जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्लाक बहादुरपुर हनुमानगंज के पास सुदनीपुर खुर्द गांव की रहने वाली गीता देवी पत्नी पप्पू को प्रसव होना था। वह बनी सीएचसी पर प्रसव के लिए पहुंची तो वहां मौजूद चिकित्सकाें ने पहले तो उसके साथ सही बर्ताव नहीं किया। आरोप है कि उसके लिए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। बहुत कहने सुनने के बाद जब उसे डॉक्टरों ने देखा तो बाद में यह कहकर भगा दिया कि पेट में उसका बच्चा उल्टा है। नार्मल प्रसव नहीं हो सकता। सर्जरी से ही प्रसव होगा।
विज्ञापन
सीएचसी से भगाई गई महिला जब जीटी रोड पर पहुंची तो उसका प्रसव हो गया। महिला वहीं अचेत हो गई। वह काफी देर तक वही पड़ी रही। सड़क पर जाने वाले दूसरे लोगों ने जब देखा तो 108 नंबर की एंबुलेंस बुलवाई और महिला को उसके घर पहुंचवाया। बनी सीएचसी के अधीक्षक सीएल वर्मा ने पहले तो इस घटना से अनभिज्ञता जताई। बाद में मामले की जांच कराने को कहा। सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा कहते हैं कि वह जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन