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हर छह सेकेंड में धूम्रपान से एक मौत
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 08 Mar 2017 12:38 AM IST
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इलाहाबाद
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‘नो स्मोकिंग डे’ हर साल मार्च महीने के दूसरे बुधवार को मनाया जाता है। तंबाकू के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, इसके बावजूद तंबाकू से होने वाली बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विश्वभर में होने वाली मौतों और बीमारियों का सबसे बड़ा कारण तंबाकू सेवन है। विश्व में हर साल 60 लाख लोग तंबाकू के सेवन के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। हर 6.5 सेकेंड में धूम्रपान से एक व्यक्ति की मौत हो जाती है। प्रतिदिन ढाई हजार से अधिक भारतीय तंबाकू सेवन के कारण मरते हैं।
13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के छात्रों के बीच कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई है कि 14.6 फीसदी छात्र तंबाकू के शिकार हो चुके हैं, जो चिंता का विषय है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक वर्मा बताते हैं कि आठ मार्च को ‘नो स्मोकिंग डे’ मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि तंबाकू के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, शिविर एवं छात्रों के लिए विशेष विद्यालय कार्यक्रम चलाकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं एनसीडी के नोडल अफसर डॉ. आशुतोष ने बताया कि सरकार की ओर से मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय में एक केंद्र स्थापित किया गया है, जहां जाकर लोग तंबाकू छोड़ने के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह भी बताया कि पार्क, अस्पताल, कार्यालय, सिनेमाघर, रेस्टोरेंट, होटल जैसे सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना अपराध है। ऐसे स्थानों पर चेतावनी सूचक लगाना अनिवार्य है। इसके अलाव कोई व्यक्ति 18 वर्ष से कम आयु वर्ग वालों को तंबाकू उत्पाद बेचता है तो वह अपराधी है। ऐसा करने वाले के लिए जुर्माना और जेल दोनों तरह की सजा है।
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13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के छात्रों के बीच कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई है कि 14.6 फीसदी छात्र तंबाकू के शिकार हो चुके हैं, जो चिंता का विषय है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक वर्मा बताते हैं कि आठ मार्च को ‘नो स्मोकिंग डे’ मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि तंबाकू के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, शिविर एवं छात्रों के लिए विशेष विद्यालय कार्यक्रम चलाकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
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अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं एनसीडी के नोडल अफसर डॉ. आशुतोष ने बताया कि सरकार की ओर से मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय में एक केंद्र स्थापित किया गया है, जहां जाकर लोग तंबाकू छोड़ने के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह भी बताया कि पार्क, अस्पताल, कार्यालय, सिनेमाघर, रेस्टोरेंट, होटल जैसे सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना अपराध है। ऐसे स्थानों पर चेतावनी सूचक लगाना अनिवार्य है। इसके अलाव कोई व्यक्ति 18 वर्ष से कम आयु वर्ग वालों को तंबाकू उत्पाद बेचता है तो वह अपराधी है। ऐसा करने वाले के लिए जुर्माना और जेल दोनों तरह की सजा है।
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