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निश्चलानंद बोले : पंडितों के साथ ही बाहरी हिंदुओं को भी कश्मीर में बसाना जरूरी, भारत में मुस्लिम सुरक्षित

Fri, 24 Jan 2025 07:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 24 Jan 2025 07:16 PM IST
सार

पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि कश्मीरी पंडितों को वहां से विस्थापित होने के लिए बाध्य किया गया। उन्होंने सुझाव दिया कि समाधान के रूप में कश्मीर में 50-60 किमी का जिला बनाया जाए, जहां विस्थापित कश्मीरी पंडितों को सुविधा, सुरक्षा और स्नेह पूर्वक बसाया जा सके।

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Nischalanand said: Along with Pandits, it is necessary to settle outside Hindus in Kashmir, Muslims are safe i
शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

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गोवर्धनमठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि कश्मीर में पंडितों के साथ ही बाहरी हिंदुओं को बसाया जाना चाहिए। कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने यह बातें बृहस्पतिवार को महाकुंभ क्षेत्र के सेक्टर 19 संगम लोअर मार्ग स्थित शिविर में हिंदू राष्ट्र संगोष्ठी में कहीं।

पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि कश्मीरी पंडितों को वहां से विस्थापित होने के लिए बाध्य किया गया। उन्होंने सुझाव दिया कि समाधान के रूप में कश्मीर में 50-60 किमी का जिला बनाया जाए, जहां विस्थापित कश्मीरी पंडितों को सुविधा, सुरक्षा और स्नेह पूर्वक बसाया जा सके। कहा कि फौज से सेवानिवृत्त हुए देशभक्त फौजियों को भी कश्मीर में बसाने पर भी सरकार को विचार करना चाहिए। मानवता के पक्षधर मुस्लिमों को आवाज उठानी चाहिए कि विभाजन के बाद स्वतंत्र भारत में मुस्लिम उतने ही सम्मानित और सुरक्षित हैं जितने अरब देश, पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी नहीं है।

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शंकराचार्य ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया था। रामसेतु तोड़ने को अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई थीं, लेकिन रामसेतु से टकराकर वे खुद नष्ट हो गईं। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का आशीर्वाद लिया। यहां स्वामी निर्विकल्पानंद सरस्वती, आचार्य विवेक मिश्र, प्रफुल्ल चैतन्य ब्रम्हचारी, हृषिकेश ब्रह्मचारी, राजेश चैतन्य ब्रम्हचारी आदि मौजूद रहे।

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