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Nikay Chunav 2023 : मुस्लिम मतों के बिखराव ने भाजपा की बड़ी बना दी जीत
Sun, 14 May 2023 01:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 14 May 2023 01:28 PM IST
सार
मुस्लिम मतों के बिखराव ने कानून व्यवस्था एवं विकास के नाम पर नगर निगम के चुनावी समर में उतरी भाजपा की जीत और बड़ी बना दी। भाजपा के गणेश केसरवानी ने रिकार्ड मतों से जीत तो हासिल की ही है, वार्डों ने भी पिछले चुनाव की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
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मुस्लिम मतदाता। सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मुस्लिम मतों के बिखराव ने कानून व्यवस्था एवं विकास के नाम पर नगर निगम के चुनावी समर में उतरी भाजपा की जीत और बड़ी बना दी। भाजपा के गणेश केसरवानी ने रिकार्ड मतों से जीत तो हासिल की ही है, वार्डों ने भी पिछले चुनाव की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं सपा को मुस्लिमों की नाराजगी भारी पड़ी।
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2017 के चुनाव से तुलना करें तो महापौर पद के लिए भाजपा को 7.37 फीसदी वोट मिले हैं। इस बार भाजपा को कुल वैध में से 47.66 प्रतिशत वोट मिले हैं। सपा उम्मीदवार के मत प्रतिशत में भी इस बार 0.65 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है लेकिन मुस्लिम बहुल क्षेत्र में पार्टी को झटका लगा है।
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बसपा एवं कांग्रेस के अलावा एआईएमआईएम एवं आम आदमी पार्टी ने मुस्लिम मतों में बंटवारा किया है। एआईएमआईएम के मो.नकी खान को 24023 वोट मिले हैं। इसी तरह से आम आदमी पार्टी के मो.कादिर को भी 14253 वोट मिले हैं। जबकि, पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी के सलिल श्रीवास्तव को मात्र 4695 वोट मिले थे। कांग्रेस एवं बसपा प्रत्याशियों को पिछले चुनाव की तुलना में कम मत हासिल हुए हैं लेकिन मुस्लिम मतों में इनकी भी हिस्सेदारी बढ़ने की बात कही जा रही है।
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पार्षदी के चुनाव में भी भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की तो सपा को झटका लगा है। पिछले चुनाव में 24 पार्षदों के साथ सपा पहले नंबर पर रही लेकिन इस बार मात्र 16 पार्षद चुने गए हैं। जबकि, वार्ड की संख्या 80 से बढ़कर 100 हो गई है। वहीं भाजपा के 56 पार्षद निर्वाचित हुए हैं और सदन में पहली बार किसी दल को बहुमत मिली है।
गौर करने वाली बात यह है कि 19 निर्दलीय पार्षद चुने गए हैं और संख्या बल के हिसाब दूसरे स्थान पर हैं। वहीं कांग्रेस के पार्षदों की संख्या 11 से घटकर चार रह गई है। बसपा के भी पार्षदों की संख्या तीन से घटकर दो हो गई है। वहीं एआईएमआईएम के दो पार्षद सदन में पहुंचे हैं। पिछले चुनाव में एकआईएमआईएम का एक पार्षद निर्वाचित हुआ था।