उठाए सवाल : भर्ती में एनएफएस का मतलब, ‘नॉट फेयर सेलेक्शन’ अखिलेश ने इविवि शिक्षक भर्ती को लेकर एक्स पर कसा तंज
आगे लिखा है कि पीडीए के शब्दकोश में एनएफएस की नई व्याख्या नॉट फेयर सेलेक्शन जोड़ दी जाए। पीडीए को सामाजिक न्याय के साथ-साथ शैक्षिक न्याय भी चाहिए। अखिलेश ने इविवि के कॉमर्स विभाग की शिक्षक भर्ती का वह परिणाम भी पोस्ट किया है, जिसमें एनएफएस के कारण ओबीसी एवं एससी वर्ग के तीन-तीन और अनारक्षित श्रेणी, एसटी श्रेणी एवं पीडब्ल्यूडी श्रेणी के एक-एक पद खाली रह गए हैं।
विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के वाणिज्य विभाग की शिक्षक भर्ती को लेकर विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है कि पीडीए के शब्दकोष में एनएफएस का मतलब ‘नॉट फेयर सेलेक्शन’ है। विभाग में कुल 28 पदों के लिए इंटरव्यू कराए गए थे, जिनमें प्रोफेसर के तीन, एसोसिएट प्रोफेसर के सात और असिस्टेंट प्रोफेसर के 18 पद शामिल थे।
NOT FOUND SUITABLE (NFS) एक तरह की ऐसी स्वैच्छिक छूट है, जिसको हथियार बनाकर भाजपा राज में कुछ प्रभुत्ववादी सोच के लोगों द्वारा PDA के हक़-अधिकार की हत्या की जा रही है।
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PDA के शब्दकोश में NFS की नयी व्याख्या: NOT FAIR SELECTION जोड़ दी जाए।
पीडीए को सामाजिक न्याय के साथ-साथ… pic.twitter.com/blVcqfccwK— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 1, 2024
कार्य परिषद की बैठक में प्रोफेसर के एक, एसोसिएट प्रोफेसर के चार और असिस्टेंट प्रोफेसर के 14 पदों पर अभ्यर्थियों के चयन को मंजूरी दी गई। बाकी नौ पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने (एनएफएस) के कारण खाली रह गए थे। इस पूरी चयन प्रक्रिया में अनियमितता को लेकर एक अभ्यर्थी ने हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की है। वहीं, अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर तंज कसते हुए लिखा है कि नॉट फाउंड सुटेबल (एनएफएस) एक तरह की ऐसी स्वैछिक छूट है, जिसको हथियार बनाकर भाजपा राज में कुछ प्रभुत्ववादी सोच के लोगों द्वारा पीडीए के हक अधिकार की हत्या की जा रही है।
आगे लिखा है कि पीडीए के शब्दकोश में एनएफएस की नई व्याख्या नॉट फेयर सेलेक्शन जोड़ दी जाए। पीडीए को सामाजिक न्याय के साथ-साथ शैक्षिक न्याय भी चाहिए। अखिलेश ने इविवि के कॉमर्स विभाग की शिक्षक भर्ती का वह परिणाम भी पोस्ट किया है, जिसमें एनएफएस के कारण ओबीसी एवं एससी वर्ग के तीन-तीन और अनारक्षित श्रेणी, एसटी श्रेणी एवं पीडब्ल्यूडी श्रेणी के एक-एक पद खाली रह गए हैं।
एबीवीपी ने भी किया विरोध, सौंपा ज्ञापन
इविवि के वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग की शिक्षक भर्ती में अनियमितता एवं धांधली का आरोप लगाते हुए एबीवीपी ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी की। साथ ही रजिस्ट्रार एवं वाणिज्य संकाय के डीन को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने इविवि प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन होगा। एबीवीपी के इविवि इकाई अध्यक्ष आलोक त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक भर्ती अनियमितता से विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इकाई मंत्री आयुष्मान चौहान ने पूर्व में हुई भर्तियों की भी जांच कराने की मांग की। इस दौरान इकाई उपाध्यक्ष धीरज पांडेय, सहमंत्री ऋषभ शर्मा, अभय, शिवम, अमन, विवेक, अर्पित आदि मौजूद रहे।
छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय में किया प्रदर्शन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय की नियुक्तियों में धांधली का आरोप लगाते हुए समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। उनका आरोप है कि असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर दो ऐसे अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो गई, जो साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुए, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पदों को योग्य अभ्यर्थी न मिलने की बात कह कर पद ली छोड़ दिए गए। छात्रों ने कहा कि 24 घंटे में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर इकाई अध्यक्ष गौरव गोंड, उपाध्यक्ष अनुराग यादव, सतेंद्र गंगवार, विभाेज, अमित, अभिजीत, आदित्य, विकास, प्रिंस आदि मौजूद रहे।