संगम की रेती पर फिर दिखा संतों का शाही अंदाज। बृहस्पतिवार को श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के संत पेशवाई निकालकर संगम की रेती स्थित छावनी में पहुंचे। हाथी, घोड़े, ऊंट, बैंडबाजा आदि के साथ भगवान श्री चंद्र जी की पालकी और ध्वज-पताकाओं के साथ सजे हुए रथों पर अखाड़े के श्रीमहंत और महामंडलेश्वर विराजे। हालांकि धर्मध्वजा के साथ ही अखाड़े में इष्टदेव भगवान श्रीचंद्र जी का सूक्ष्म रूप से पहरा आरंभ हो गया था। मुट्ठीगंज स्थित मुंशीराम की बगिया से धूमधाम से निकली अखाडे़ की पेशवाई सुलाकी, रामभवन, बताशा मंडी, बहादुरगंज, कीडगंज से निकलकल नया पुल को पार करते हुए मेला दफ्तर के सामने पहुंची। यहां संतों के भव्य स्वागत के बाद सभी पांटून पुल पार करके त्रिवेणी मार्ग स्थित छावनी पहुंची। यहां अखाड़े के देवता और निशान स्थापित किए गए। संतों ने धर्मध्वजा की परिक्रमा और पूजा की। अब पूरे पर्व यहीं पर संतों का डेरा जमेगा।
निराले अंदाज में हुई नया उदासीन की पेशवाई, इष्टदेव भगवान श्रीचंद्र जी ने की अगुवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 11 Jan 2019 02:01 AM IST
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