थरवई हत्याकांड में मारे गए परिवार से जुड़े दो विवाद रविवार को सामने आए। मृतक दंपति के बेटे सुनील यादव ने पुलिस को दो युवकों के बारे में बताया। इनमें से एक उसकी पत्नी का रिश्तेदार है जबकि दूसरा गांव का ही पशु व्यापारी है। पत्नी के रिश्तेदार युवक से उसका विवाद भी हुआ था क्योंकि वह पत्नी को फोन करता था। उधर पशुओं का व्यापार करने वाले युवक से करीब 15 दिन पहले उसके पिता से विवाद हुआ था। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस दोनों की तलाश में जुट गई है।
सामूहिक हत्याकांड में नया मोड़ : मृत दंपती के बेटे के बयान के बाद हरकत में आई पुलिस
रविवार को पुलिस ने एक बार फिर सुनील से पूछताछ की तो कुछ अहम बातें सामने आईं। उसने बताया कि उसके ससुराल पक्ष का एक युवक उसकी पत्नी को फोन करता था। यह पत्नी का रिश्तेदार था, ऐसे में शादी के बाद उसके घर भी आता-जाता रहता था।
फोन पर हुई थी तीखी नोकझोंक
इस बात की जानकारी पत्नी ने दी तो उसने रिश्तेदार युवक को फोन कर फटकारा भी था। इसके बावजूद वह नहीं माना तो एक दिन फोन पर ही गालीगलौज भी हो गई थी। लेकिन यह घटना करीब एक साल पहले की है। इसके अलावा उसने एक अन्य युवक के बारे में बताया।
कहा कि करीब 15 दिन पहले इस युवक से उसके पिता का विवाद हुआ था। गांव में ही रहने वाला यह युवक पशुओं का व्यापार करता है। उसने उसके पिता से भी पशु खरीदे थे और लेनदेन को लेकर उनका लेनदेन की बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि फिलहाल दोनों युवकों की तलाश की जा रही है। उनसे पूछताछ की जाएगी।
डेरी संचालक से जारी रही पूछताछ
उधर शक के आधार पर एक दिन पहले ही हिरासत में लिए गए डेरी संचालक से रविवार को भी पूछताछ जारी रही। नदियाव गांव के डेरी संचालक पर आरोप है कि वह मृतक के घर में तांकझांक करता था। रास्ते से आने-जाने के दौरान ही वह अक्सर मृतक के घर के सामने बेवजह रुक जाता था।
इस बात की जानकारी खुद सुनील ने पुलिस को दी। जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया था। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल उससे पूछताछ में कोई अहम बात सामने नहीं आई है। शक के दायरे में होने केकारण उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उसके मोबाइल नंबर की सीडीआर भी निकलवाई जाएगी। ताकि यह पता चल सके कि घटना वाली रात वह कहां था।
रॉड या डंडे से पीटा, सब्बल से भी किया वार?
हत्याकांड में हत्यारों व वजह के अलावा अब तक यह भी पता नहीं चल सका है कि वह कौन से हथियार थे जो पांच लोगों को मौत के घाट उतारने में प्रयुक्त किए गए। जानकारों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिस तरह से चोटों की बात सामने आई है, उससे यही लग रहा है कि किसी ठोस, वजनी चीज के साथ ही नुकीले औजार का भी इस्तेमाल हत्या में किया गया।
हो सकता है कि यह औजार लोहे की रॉड, डंडा और सब्बल हों। दरअसल पूर्व में इस तरह के सामूहिक हत्याकांडों में इन औजारों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आ चुकी है। यही नहीं कुछ घटनाओं में हत्या में प्रयुक्त औजार बरामद भी किए जा चुके हैं। फिलहाल पुलिस अफसरों का कहना है कि हत्यारों के पकड़े जाने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।
साइकोकिलर गिरोह तो नहीं?
इस हत्याकांड के बाद एक आशंका यह भी जताई जा रही है कि वारदात में किसी साइको किलर गिरोह का हाथ तो नही। दरअसल जिले में सामूहिक हत्याकांड की अब तक हुई ज्यादातर घटनाओं में मृतक महिलाओं व युवतियों संग दुष्कर्म की बात सामने आई है। हालांकि इस घटना में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो सकी है लेकिन इसकी आशंका से भी इंकार नहीं किया जा रहा। ऐसे में चर्चा इस बात की भी है कि कहीं महिलाओं को मारकर अनहोनी करने वाला कोई साइकोकिलर गिरोह तो जिले में सक्रिय नहीं है। अफसरों का कहना है कि पोस्मार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के संबंध में पुष्टि के प्रमाण नहीं मिले है। ऐसे में इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।