प्रयागराज : करंट से झुलसे युवक की मौत के मामले में नया खुलासा, चाचा ने जीआरपी पर लगाया सनसनीखेज आरोप
वीडियो में श्यामलाल जीआरपी व शाहगंज पुलिस के उस दावे को भी झुठलाता दिख रहा है, जिसमें अमित की मानसिक हालत ठीक नहीं बताई गई थी। उसका कहना है कि अमित की दिमागी हालत बिल्कुल ठीक थी और नौ दिसंबर को वह दिल्ली जाने के लिए झारखंड के पलामू में बोहिता, लक्सीगंज स्थित घर से निकला था।
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एसआरएन अस्पताल से संदिग्ध हाल में गायब होने के बाद लीडर रोड पर संदिग्ध हाल में मृत मिला अमित कुमार राम (26) जीआरपी की कस्टडी से भागते वक्त करंट की चपेट में आया था। यह आरोप उसके चाचा श्यामलाल का है, जिसका वीडियो रविवार शाम वायरल हुआ।
वीडियो में श्यामलाल जीआरपी व शाहगंज पुलिस के उस दावे को भी झुठलाता दिख रहा है, जिसमें अमित की मानसिक हालत ठीक नहीं बताई गई थी। उसका कहना है कि अमित की दिमागी हालत बिल्कुल ठीक थी और नौ दिसंबर को वह दिल्ली जाने के लिए झारखंड के पलामू में बोहिता, लक्सीगंज स्थित घर से निकला था।
उसका कहना है कि 15 दिसंबर को जीआरपी ने अमित को पकड़ा था और इसी दौरान वह भाग निकला था। भागते वक्त वह ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी पार कर रहा था और इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया।
इस दौरान उसके पास आधार कार्ड, नकदी के अलावा मोबाइल फोन भी था। लेकिन यह सामान उसे नहीं दिया गया। इस मामले में जीआरपी इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय से बात की गई तो उन्होंने आरोपों को निराधार बताया। कहा कि जीआरपी थाना प्लेटफार्म एक पर है। जबकि घटना प्लेटफार्म सात-आठ पर हुई थी।
बता दें कि 15 दिसंबर को अमित जंक्शन पर करंट से झुलस गया था। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से दो घंटे बाद ही वह गायब हो गया था। अगले दिन यानी 16 दिसंबर को शाहगंज में लीडर रोड पर एक दुकान के बाहर मृत मिला था।