New Education Policy : जूनियर कक्षाओं में बदलेगा कृषि विज्ञान का पाठ्यक्रम, नए सत्र लागू कर दी जाएंगी किताबें
नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सभी विषयों में बदलाव किया जा रहा है। इसी क्रम में 6वीं से आठवीं तक की कक्षाओं में कृषि विज्ञान के पाठ्यक्रम में बदलाव शुरू हो गया है। बदलाव के लिए राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान में 21 अक्तूबर से कार्यशाला चल रही है।
विस्तार
जूनियर कक्षाओं में पढ़ाए जाने वाले कृषि विज्ञान विषय का पाठ्यक्रम बदला जाएगा। पाठ्यक्रम में बदलाव के प्रथम चरण की कार्यशाला शुक्रवार को राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान में हो गई है। अगले चरण की कार्यशाला नवंबर में होगी। कुल चार चरणों में कार्यशाला के बाद पाठ्यक्रम तैयार कर दिया जाएगा। नए सत्र से बदला हुआ पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सभी विषयों में बदलाव किया जा रहा है। इसी क्रम में 6वीं से आठवीं तक की कक्षाओं में कृषि विज्ञान के पाठ्यक्रम में बदलाव शुरू हो गया है। बदलाव के लिए राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान में 21 अक्तूबर से कार्यशाला चल रही है। इसके लिए महाविद्यालयों के प्रोफेसर, इंटर कालेजों के प्रवक्ता और अन्य कृषि व उद्यान विशेषज्ञों को बुलाया गया है। प्रवक्ता सुदामा प्रसाद ने बताया कि कृषि के पाठ्यक्रम में बदलाव की जरूरत थी। अब कृषि में आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है।
पूर्व की किताबों में पारंपरिक खेती का विस्तृत वर्णन था। नई किताब अब रोजगारपरक बनाई जा रही है। इसमें खेती में तकनीक का प्रयोग, जैविक खेती, व्यावसायिक खेती आदि के पाठ्यक्रम में काफी बदलाव किया जा रहा है। अब बच्चों को व्यवसाय परक शिक्षा देनी है। उसी के अनुसार पाठ्यक्रम बनाया जा रहा है।
यह बदलाव बेसिक शिक्षा परिषद की पुरानी किताबों में किया जाएगा। इसके लिए चार चरणों में कार्यशाला होगी। पहले चरण की कार्यशाला 25 अक्तूबर को खत्म हो गई है। जनवरी तक सभी कार्यशाला पूरी करके मार्च तक किताब तैयार कर देनी है। नए सत्र से यह किताब बच्चों के हाथ में पहुंच जाएगी।
गणित और विज्ञान में बदली गई शब्दावली
यूपी बोर्ड के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में भी एनसीईआरटी की किताबों को चरणबद्ध तरीके लागू किया जा रहा है। इस बार एनसीईआरटी ने कक्षा छह की किताबों में बदलाव किया है। यह किताब अगले वर्ष बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में लागू हो जाएगी। उससे पहले गणित और विज्ञान की किताबों को यूपी के परिवेश में बदला जा रहा है। उसकी शब्दावली में बदलाव किया जा रहा है। इस बदलाव के लिए राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान में कार्यशाला हुई है।