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Cyber Crime : न ओटीपी शेयर किया न पासवर्ड, मोबाइल पर आई कॉल और क्रेडिट कार्डों से कट गए सवा दो लाख रुपये

Fri, 23 Jun 2023 12:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 23 Jun 2023 12:15 PM IST
सार

मिर्जापुर सिटी कोतवाली के चौबे टोला के रहने वाले धीरज गुप्ता सिविल लाइंस स्थित टाटा मोटर्स कलेक्शन मैनेजर हैं। धीरज बताते हैं कि उन्हें 25 मार्च को मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड के प्रयोग के बारे में पूछा।

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Neither OTP nor password was shared, two and a half lakh rupees were deducted from mobile calls and credit car
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

सिविल लाइंस स्थित टाटा मोटर्स में कलेक्शन मैनेजर धीरज गुप्ता को एक फोन आया और उनके तीन क्रेडिट कार्ड से सवा दो लाख रुपये कट गए। धीरज का कहना है उन्होंने न तो कार्ड नंबर बताया और न ही ओटीपी बताया, फिर भी उनके खाते से रुपये कट गए। हालांकि, तीन में से दो बैंकों के अधिकारियों ने यह कहते हुए उनकी दलील नहीं मानी कि सिर्फ फोन कॉल पर पैसा निकलना नामुमकिन है। उन्होंने फ्रॉड करने वाले अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

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मिर्जापुर सिटी कोतवाली के चौबे टोला के रहने वाले धीरज गुप्ता सिविल लाइंस स्थित टाटा मोटर्स कलेक्शन मैनेजर हैं। धीरज बताते हैं कि उन्हें 25 मार्च को मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड के प्रयोग के बारे में पूछा। धीरज का कहना है कि वे पहले से ही तीन बैंकों एचडीएफसी, एसबीआई और एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड का प्रयोग कर रहे थे। फोन करने वाला एक और क्रेडिट कार्ड लेने की जिद करने लगा तो उन्होंने फोन काट दिया।

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कुछ देर बाद उनके तीनों क्रेडिट कार्ड से लगभग सवा दो लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का मैसेज आ गया। उन्होंने तुरंत तीनों बैंकों को ट्रांजैक्शन के बारे में लिखित सूचना दी। तीनों कार्ड को तुरंत ब्लाक करा दिया। एचडीएफसी बैंक ने तो उनकी दरख्वास्त पर ट्रांजैक्शन रोक दिया और बाद में 49 हजार वापस भी आ गया, लेकिन एसबीआई और एक्सिस बैंक ने न तो ट्रांजैक्शन रोका न ही कोई कार्रवाई की। उल्टा जालसाज द्वारा किए गए ट्रांजैक्शन का बिल भेज दिया।

बकौल धीरज, उन्होंने बैंक अफसरों से मिलकर भी यह बताया कि उन्होंने न तो कोई ओटीपी बताई न ही कार्ड का नंबर लेकिन बैंक अफसर मानने को तैयार नहीं हैं। बैंक अफसरों का कहना है कि बिना ओटीपी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन मुमकिन ही नहीं है। थक हारकर धीरज गुप्ता ने फ्रॉड करने वाले अज्ञात के खिलाफ 20 जून को एफआईआर दर्ज कराई है।

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