नेहरू, अमिताभ भी खेलते थे कपड़ा फाड़ होली
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शहर के पुरनिये बताते हैं कि नेहरू और अमिताभ कपड़ा फाड़ होली में शामिल होने के लिए कई दिनों पहले से तैयारी किया करते थे। इस होली से दोनों का ही काफी जुड़ाव था। पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म चौक इलाके की मीरगंज गली में हुआ था और चौक में ही कपड़ाफाड़ होली खेली जाती है। पंडित नेहरू पर जो लेख लिखे गए, उनमें भी बताया गया है कि नेहरू को बचपन से लेकर जवानी के दिनों तक होली खेलने का बहुत शौक था। कहा जाता है कि कपड़ा फाड़ होली के दौरान इलाके के जो लोग या राहगीर कपड़े फाड़ने के लिए मना करते और बचने के लिए इधर-उधर भागते, नेहरू की टोली ऐसे लोगों को रंग भरे टैंक में डुबो देती। पीएम बनने के बाद इलाहाबाद में एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए पंडित नेहरू ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि पीएम हाउस में भले ही तमाम बड़े लोग होली मिलने आएं लेकिन उनके जेहन में इलाहाबाद की होली ही छायी रहती है।
- इलाहाबाद में सड़कों पर दो दिनों तक रंग खेलने और कपड़ा फाड़ होली खेलने की परंपरा सदियों पुरानी है। पूरे चौक इलाके सहित शहर के तमाम मुहल्लों में कपड़ा फाड़ होली खेली जाती है। फटी हुई शर्ट या बनियान बाद में हवा में लहराते हुए सड़कों या खासतौर पर तैयार किए गए तारों पर फेंकी जाती है। लोगों का मानना है कि सिर्फ दिखावे के लिए रंग लगाकर औपचारिकता पूरी नहीं करनी चाहिए, बल्कि होली के बहाने दिल से दिल मिलना चाहिए।