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High Court : व्यावसायिक मात्रा से अधिक नशीले कफ सिरप की बोतलें मिलने पर लागू होगा एनडीपीएस एक्ट का प्रावधान
Wed, 04 Feb 2026 03:19 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 04 Feb 2026 03:19 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि व्यावसायिक मात्रा से अधिक नशीले कफ सिरप की बोतलें बरामद होने पर एनडीपीएस एक्ट का प्रावधान लागू होगा।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि व्यावसायिक मात्रा से अधिक नशीले कफ सिरप की बोतलें बरामद होने पर एनडीपीएस एक्ट का प्रावधान लागू होगा। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट प्रतिबंधित कोडीन युक्त 11,885 कफ सिरप की बोतलें बरामदगी मामले में आरोपियों अब्दुल कादिर और अहसान नूरी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने दिया है।
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रामपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक घर से कार में लोड की जा रहीं 119 पेटियों में 11,885 कफ सिरप की बोतलें बरामद की थीं। पुलिस ने मामले में याचियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। अब्दुल कादिर और अन्य ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि अहसान नूरी का ‘आजाद सर्जिकल एंड मेडिकल एजेंसी’ का प्रोपराइटर है।
उसके पास थोक दवाओं के व्यापार का वैध लाइसेंस है। सिरप में कोडीन की मात्रा 100 मिलीग्राम प्रति डोज से कम है। इसलिए यह एनडीपीएस एक्ट के दायरे में नहीं आता। अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने याचिका का विरोध कर दलील दी कि सरकारी अधिसूचना के अनुसार एक थोक व्यापारी अधिकतम 1000 बोतलें ही स्टॉक कर सकता है, जबकि यहां संख्या 11,000 से अधिक है।
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कोर्ट ने कहा कि इतनी भारी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप का भंडारण चिकित्सीय उद्देश्य के दायरे में नहीं आता। नशीली दवाओं का व्यापार केवल चिकित्सा या वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए ही वैध है और वह भी निर्धारित नियमों के भीतर। मामले में व्यावसायिक मात्रा से कई गुना अधिक बरामदगी की गई। ऐसे में प्रथम दृष्टया आरोपियों की संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता।