एनसीआर रेलवे : सुपरफास्ट होगी बुंदेलखंड एक्सप्रेस, लगाया जाएगा एलएचबी रेक
मौजूदा समय बुंदेलखंड में 21 आईसीएफ कोच लगे हुए हैं। कोरोना के पहले इन कोचों को रेलवे ने उत्कृष्ट कोच में तब्दील किया था। अब परिवर्तित एलएचबी कोच की संशोधित संरचना के अनुसार रैक में जेनरेटर सह लगेज यान एक, चार सामान्य, एसी फर्स्ट कम एसी टू का एक, एसी थ्री के पांच, स्लीपर के छह तथा एसएलआरडी के एक सहित कुल 20 कोच लगेंगे।
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प्रयागराज होकर बनारस से झांसी, ग्वालियर जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस को जल्द ही सुपरफास्ट ट्रेन की श्रेणी में शामिल हो जाएगी। उत्तर मध्य रेलवे द्वारा अगले सप्ताह 16 मई को बुंदेलखंड एक्सप्रेस को एलएचबी रैक से लैस कर दिया जाएगा। इस रैक के लगने के बाद जहां एक ओर यात्रियों का सुरक्षित और सुविधाजनक सफर होगा तो वहीं दूसरी ओर ट्रेन की स्पीड बढ़ जाने की वजह से यात्री अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंच जाएंगे।
मौजूदा समय बुंदेलखंड में 21 आईसीएफ कोच लगे हुए हैं। कोरोना के पहले इन कोचों को रेलवे ने उत्कृष्ट कोच में तब्दील किया था। अब परिवर्तित एलएचबी कोच की संशोधित संरचना के अनुसार रैक में जेनरेटर सह लगेज यान एक, चार सामान्य, एसी फर्स्ट कम एसी टू का एक, एसी थ्री के पांच, स्लीपर के छह तथा एसएलआरडी के एक सहित कुल 20 कोच लगेंगे।
बता दें कि अत्याधुनिक लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) के स्लीपर कोच में 80 लोग यात्रा कर सकते हैं, जबकि आईसीएफ वाले कोच में 72 यात्री ही होते हैं। इसी तरह एसी थ्री कोच में 64 की जगह 72 यात्री इसमें यात्रा कर सकेंगे। एलएचबी कोच पारंपरिक कोच की तुलना में 1.5 मीटर लंबे होते हैं। इसके कारण यात्री वहन क्षमता में वृद्धि हो जाती है। दुर्घटना की स्थिति में एलएचबी कोच पारंपरिक कोच के मुकाबले कम क्षतिग्रस्त होते हैं।
16 मई को लग जाएगा एलएचबी रैक
एलएचबी रैक का इस्तेमाल अमूमन सुपरफास्ट श्रेणी की ट्रेनों में ही किया जाता है। एनसीआर प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि ग्वालियर-वाराणसी बुंदेलखंड एक्सप्रेस 16 मई से एलएचबी रैक के साथ चलेगी। वाराणसी से आने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस 17 मई से एलएचबी रैक के साथ ग्वालियर जाएगी। अभी यह ट्रेन 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही है, लेकिन एलएचबी रैक लगने के बाद इसे अधिकतम 130 की रफ्तार से भी दौड़ाया जा सकता है।
अभी रेलवे को मिला है एक एलएचबी रैक
एनसीआर प्रशासन को बुंदेलखंड एक्सप्रेस के लिए अभी एलएचबी का एक ही रैक मिला है। इस वजह से एक -एक दिन के अंतराल पर इसमें एलएचबी रैक उपलब्ध होगा। इस वजह से अभी ट्रेन की स्पीड पहले जैसी ही रहेगी, लेकिन दूसरा रैक उपलब्ध होने के बाद रेलवे द्वारा ट्रेन की स्पीड बढ़ा दिए जाने केसाथ ही उसकी संशोधित समय सारिणी जारी की जा सकती है।